सतना जिले में पिछले 72 घंटे से बारिश नहीं होने के बाद चित्रकूट में बाढ़ के हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। मंदाकिनी नदी का जलस्तर स्थिर है। रविवार सुबह आरोग्यधाम में नदी का जलस्तर 135.32 मीटर दर्ज किया गया। पानी अब रपटे के नीचे उतर चुका है।
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बाढ़ का पानी उतरते ही शुरू हुआ 'ऑपरेशन क्लीन'
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान शुरू कर दिया है। गली-मोहल्लों के साथ धार्मिक और पर्यटन स्थलों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बाढ़ के दौरान नदी के उफान के कारण कई इलाकों में सिल्ट, बालू और कचरा जमा हो गया था।
मशीनों के साथ जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी जुटे
मलबा और गंदगी हटाने के लिए प्रशासन ने मशीनें लगाई हैं। इसके साथ ही जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी श्रमदान के लिए आगे आए हैं। लोग फावड़ा और अन्य उपकरण लेकर सफाई अभियान में जुटे हुए हैं।

चित्रकूट में बाढ़ का पानी उतरने के बाद घाटों और धार्मिक स्थलों पर सफाई अभियान।
घाटों को श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया जा रहा
प्रशासन का फोकस प्रमुख धार्मिक स्थलों को जल्द सामान्य स्थिति में लाने पर है। राघव प्रयाग और भरतघाट को श्रद्धालुओं के स्नान के लिए तैयार किया जा रहा है। घाटों पर जमा गाद और कचरा हटाने के साथ आसपास के क्षेत्रों की भी सफाई की जा रही है।
इन स्थानों पर भी चल रहा सफाई अभियान
- आरोग्यधाम
- वैदेही वाटिका
- प्रमोद वन
- रामायणी कुटी
- गुप्तगोदावरी
- राघव प्रयाग
- भरतघाट
इन स्थानों पर बाढ़ के पानी के साथ आई सिल्ट, बालू और कचरे को हटाया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही जल्द सामान्य हो सके।
राहत कार्य जारी, हैंडपंपों में डाला जा रहा जर्मेक्स
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य अभी जारी हैं। जरूरतमंद परिवारों तक भोजन पहुंचाया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी को सुरक्षित बनाने के लिए हैंडपंपों में जर्मेक्स डाला जा रहा है। प्रशासन की टीमें पानी की स्थिति पर भी नजर रख रही हैं।
अब जनजीवन और पर्यटन व्यवस्था सामान्य करने पर फोकस
बारिश थमने और मंदाकिनी का जलस्तर नीचे आने से लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जमा मलबा और गंदगी पूरी तरह हटाने में अभी समय लगेगा। प्रशासन का लक्ष्य सफाई अभियान के साथ जनजीवन और चित्रकूट के पर्यटन को जल्द पटरी पर लाना है।