भोपाल में मध्य प्रदेश का पहला बैरियर-लेस टोल प्लाजा, समय और फ्यूल की होगी बड़ी बचत!

Published on 3 सित॰ 2026

भोपाल, 3 सितंबर 2026: मध्यप्रदेश में टोल व्यवस्था को ज़्यादा मॉडर्न और स्मूद बनाने के लिए मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। भोपाल-देवास मार्ग पर स्थित फंदा टोल प्लाजा पर प्रदेश का पहला बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम (Single Lane Free Flow - SLFF) का पायलट टेस्ट शुरू कर दिया गया है। इस नए सिस्टम के आने से अब गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुकने की ज़रूरत नहीं होगी और बूम बैरियर के कारण होने वाली फालतू ब्रेकिंग और समय की बर्बादी से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। 

अधिकारियों ने दिया प्रेजेंटेशन, मंत्री ने दिए जल्द लागू करने के निर्देश 

लोक निर्माण मंत्री (PWD Minister) श्री राकेश सिंह के सामने अधिकारियों ने इस पूरे इनोवेशन और इसके इम्प्लीमेंटेशन का एक प्रेजेंटेशन दिया। प्रेजेंटेशन देखने के बाद मंत्री श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सिस्टम को प्रायोरिटी पर तय समय-सीमा में लागू किया जाए। उन्होंने पायलट टेस्टिंग के दौरान मिलने वाले रिजल्ट्स का पूरा इवैल्यूएशन करने को कहा ताकि इसे पूरे प्रदेश में बड़े लेवल पर लागू करने का प्लान तैयार किया जा सके। 

मंत्री श्री सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ-साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इस नए बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम से टोल प्लाजा पर लगने वाली गाड़ियों की लंबी लाइनों और ट्रैफिक प्रेशर से मुक्ति मिलेगी जिससे यात्रियों का समय और फ्यूल बचेगा। 

बिना रुके 100 किमी/घंटा की स्पीड से गुज़र सकेंगी गाड़ियाँ इस नई टेक्नोलॉजी की मदद से गाड़ी चलते-चलते ही आटोमेटिक तरीके से पहचान ली जाएगी और फास्टैग (FASTag) डिटेल्स के हिसाब से टोल टैक्स कट जाएगा। गाड़ी लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलते हुए भी टोल प्लाजा पार कर सकेगी। इससे बूम बैरियर के कारण बार-बार ब्रेक लगाने की झंझट खत्म हो जाएगी। हाई-टेक डिवाइसेज से लैस है यह सिस्टम इस SLFF लेन में कई आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं: 

  • फास्टैग/RFID रीडर
  • हाई-रिजॉल्यूशन ANPR कैमरे
  • व्हीकल डिटेक्शन और क्लासिफिकेशन सेंसर
  • लेन कंट्रोलर
  • ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग सिस्टम

जैसे ही कोई गाड़ी लेन से गुजरेगी, यह सिस्टम फास्टैग को आटोमेटिक रीड कर लेगा और गाड़ी की कैटेगरी के हिसाब से खाते से पैसे काट लेगा। 

फास्टैग में बैलेंस न होने पर आएगा ई-चालान 

अगर आपके फास्टैग में बैलेंस नहीं है, रजिस्ट्रेशन नंबर गलत दर्ज है, या कोई अन्य टेक्निकल प्रॉब्लम आती है, तो गाड़ी मालिक को ई-चालान के जरिए टोल टैक्स की सूचना दी जाएगी। इसके बाद 3 दिनों के भीतर भुगतान न करने पर नियमानुसार पेनाल्टी के साथ वसूली की जाएगी। 

क्या है आगे का प्लान? 

फिलहाल फंदा टोल प्लाजा की केवल एक लेन में इसका पायलट टेस्ट चल रहा है। अगर यह टेस्ट सफल रहता है, तो 1 जनवरी 2027 से भोपाल-देवास मार्ग के सभी तीनों टोल प्लाजा की सभी लेनों में इसे लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के अन्य उपयुक्त टोल प्लाजा पर भी इस सिस्टम को लागू करने का प्लान है।