
लवली खातून और चेमानी बीबी.Image Credit source: Tv9 बांग्ला
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ही बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर भाजपा आवाज उठाती रही है. इससे पहले तृणमूल कांग्रेस की ग्राम पंचायत प्रधान लवली खातून पर बांग्लादेशी होने आरोप लगा था और अब लवली खातून के बाद इस बार चेमानी बीबी पर बांग्लादेशी होने के आरोप लगे हैं. OBC सर्टिफिकेट से लेकर सारे पहचान पत्र नकली कागजात से बनवाने के आरोप लगे हैं.
आरोप है कि मालदा के वैष्णवनगर थाना इलाके के गोलापगंज ग्राम पंचायत की तृणमूल प्रधान चेमानी बीबी बांग्लादेशी हैं. सारी जानकारी और सबूत के साथ पुलिस अधीक्षक, BDO, SDO के पास शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायत मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से भी की गयी है.
कथित तौर पर, चेमानी बीबी बांग्लादेश के चपैनवाबगंज के शिबगंज की रहने वाली थीं. उन्होंने वहीं शादी की थी. उनके पति बांग्लादेशी हैं. वह अपने 5 साल के बच्चे के साथ गैर-कानूनी तरीके से भारत में आईं. बाद में, वह वापस भारत आईं और शादी कर ली. उनके पिता के पास अभी भी बांग्लादेश का वोटर कार्ड है और वह भी भारत में. हालांकि चुनाव आयोग ने पहले ही उनके और उनके पूरे परिवार के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया है.
नकली दस्तावेजों से बनीं प्रधान
हालांकि, इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि वह मुखिया कैसे बनी हुई हैं. ऋतब्रत तृणमूल के जिला अध्यक्ष, पूर्व IPS प्रसून बनर्जी का यह विस्फोटक दावा है कि 2023 में तत्कालीन जिला तृणमूल नेतृत्व ने बांग्लादेशियों को लाकर नकली दस्तावेज बनवाए और उन्हें उम्मीदवार बनाया, जिनके जरिए बांग्लादेश के साथ अवैध लेन-देन हुआ है. उन्होंने मांग की है कि देश की सुरक्षा के हित में उनसे किसी केंद्रीय एजेंसी से पूछताछ की जाए.
इस मसले पर राज्य की नगर और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्र पाल ने कहा, पंचायत प्रधान, पार्षद, पंचायत समिति प्रमुख जैसे कई पदों पर बांग्लादेशियों को नियुक्त किया गया है. ममता बनर्जी कह रही हैं, वे कैसे घुसे? हां, सीमा पर BSF है. BSF में कुछ कमियां हैं, लेकिन, घुसने के बाद कागजात किसने तैयार किए? आपने, आपने उन्हें पंचायत में टिकट दिए.
कांग्रेस का दावा है कि तृणमूल कई बांग्लादेशियों को अवैध रूप से इस देश में लाई है और नकली दस्तावेजों के साथ उन्हें उम्मीदवार बनाकर नेता बना दिया है. बहरामपुर के पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ऐसी और भी घटनाएं हो सकती हैं. अगर कोई सच में बांग्लादेशी है, तो सरकार उसे देखेगी. हालांकि, पूरी जांच होनी चाहिए, सिर्फ यह अंदाजा नहीं लगाना चाहिए कि वे बांग्लादेशी हैं.
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने चेमानी बीबी के खिलाफ आरोपों की जांच शुरू कर दी है. मालदा के सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस अनुपम सिंह ने कहा, “यहां एक टेक्निकल दिक्कत है. चेमानी बीबी के पिता रफीक भारतीय थे. वे 30-40 साल पहले बांग्लादेश चले गए थे. उन्हें वहां वोटर कार्ड मिला. उन्होंने शादी कर ली. चेमानी बीबी वहीं पैदा हुईं. फिर वे 2006 में गैर-कानूनी तरीके से भारत आ गईं. चेमानी बीबी ने पहले भी बांग्लादेश में शादी की थी. फिर वह यहां आईं और एक भारतीय नागरिक से शादी कर ली. फिर उनका नाम वोटर लिस्ट में आ गया. हम हर चीज की जांच कर रहे हैं. एडमिनिस्ट्रेशन के सबसे ऊंचे लेवल पर बातचीत हो रही है. एक्सपर्ट की राय ली जाएगी. फिर हम कोई फैसला लेंगे. कानूनी कार्रवाई की जाएगी.” पता चला है कि वैष्णवनगर और कालियाचक दोनों पुलिस थानों को जांच करने का आदेश दिया गया है.
वैसे, इससे पहले मालदा के हरिश्चंद्रपुर में तृणमूल कांग्रेस की रशीदाबाद ग्राम पंचायत की मुखिया बांग्लादेशी लवली खातून थीं. उन पर बांग्लादेशी घुसपैठिया होने का आरोप था.हाई कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने उनकी मुखिया, पंचायत की सदस्यता और OBC सर्टिफिकेट रद्द कर दिया था.
इनपुटः Tv9 बांग्ला/सुभोतोष भट्टाचार्य
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अजय विद्यार्थी
कलकत्ता यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएशन. प्रभात खबर में बतौर सीनियर न्यूज़ एडिटर काम किया. ग्राउंड रिपोर्टिंग और एडिटिंग में करीब 20 सालों से ज्यादा का अनुभव. राजस्थान पत्रिका में चीफ रिपोर्टर रहने के दौरान कई ऐसी स्टोरी की, जिन्हें सराहा गया.
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