क्या थी टॉस से पहले भारत की वह गलती? श्रीलंका ने फायदा उठाकर कराया टेस्ट ड्रॉ, गिल ने सरेआम किया खुद का बचाव

Published on 28 अग॰ 2026

क्या थी टॉस से पहले भारत की वह गलती? श्रीलंका ने फायदा उठाकर कराया टेस्ट ड्रॉ, गिल ने सरेआम किया खुद का बचाव

Time Published: Friday, August 28, 2026, 9:30 [IST]

IND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम के पास सीरीज 2-0 से जीतकर क्लीन स्वीप करने का शानदार मौका था लेकिन एक रणनीतिक फैसले ने पूरी बाजी पलट दी। कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर की जल्दीबाजी से टीम इंडिया को नुकसान हुआ।

मैच से पहले कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने का फैसला किया। उनकी जगह सारांश जैन को टेस्ट डेब्यू कराया गया और यही फैसला अब सबसे ज्यादा चर्चा में है। सारांश जैन अपने डेब्यू मैच में छाप छोड़ने में नाकाम रहे और श्रीलंका ने हारा हुआ मैच ड्रॉ करा दिया।

IND vs SL

कुलदीप को बाहर रखना गलत फैसला

कुलदीप यादव जैसे अनुभवी और असरदार स्पिनर को ऐसे अहम मुकाबले से बाहर करना भारत के लिए भारी पड़ गया। कोलंबो की पिच भले ही सपाट नजर आ रही थी लेकिन कुलदीप की गेंदों में ऐसी विविधता है जिससे वह बल्लेबाजों को बिना मदद वाली पिच पर भी परेशान कर सकते हैं। खासकर जब भारत को दूसरी पारी में श्रीलंका के सामने विकेट निकालने की जरूरत थी, तब कुलदीप का अनुभव टीम के काम आ सकता था।

डेब्यू में सारांश के 3 विकेट नहीं रहे असरकारक

दूसरी तरफ सारांश जैन के लिए यह टेस्ट डेब्यू था। उन्हें सीधे सीरीज के सबसे अहम मुकाबले में मौका मिला। उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर तीन विकेट जरूर लिए लेकिन भारतीय टीम जिस तरह की निर्णायक गेंदबाजी की उम्मीद कर रही थी, वह देखने को नहीं मिली। श्रीलंका ने दूसरी पारी में जिस तरह भारत के गेंदबाजों का सामना किया, उससे जीत की उम्मीद धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई।

डेब्यू कराने की जल्दीबाजी पड़ी भारी

यहां सवाल सारांश के प्रदर्शन से ज्यादा चयन की रणनीति पर है। किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना गलत नहीं है, मगर जब सामने सीरीज का आखिरी टेस्ट हो और भारत के पास जीत के साथ 2-0 करने का मौका हो, तब अनुभव को प्राथमिकता देना ज्यादा समझदारी भरा फैसला होता। कुलदीप पहले भी बड़े मुकाबलों में अपनी गेंदबाजी से फर्क पैदा कर चुके हैं और ऐसी परिस्थितियों में उनका इम्पैक्ट सारांश से ज्यादा होने की उम्मीद थी।

फॉलोऑन देकर भारत हुआ शर्मसार

भारत ने मुकाबले में श्रीलंका को फॉलोऑन भी दिया और उस समय ऐसा लग रहा था कि टीम जीत के बेहद करीब पहुंच सकती है। इसके बाद मेजबान बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाजों को लगातार परेशान किया और अंत में मैच बचाने में सफल रहे। यहीं से प्लेइंग इलेवन का फैसला और भी बड़ा सवाल बन गया।

क्या कुलदीप पलट देते मैच?

अगर कुलदीप यादव टीम में होते तो क्या भारत मैच जीत जाता? इसका जवाब निश्चित तौर पर नहीं दिया जा सकता लेकिन इतना जरूर है कि उनके अनुभव और विकेट लेने की क्षमता से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त धार मिलती। कोलंबो जैसे अहम टेस्ट में एक अनुभवी स्पिनर को बाहर रखना अब टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल खड़े कर रहा है।

गिल ने किया खुद के फैसले का बचाव

शुभमन गिल ने मैच के बाद अपने फैसले का बचाव किया और साफ किया कि टीम ने परिस्थितियों को ध्यान में रखकर प्लेइंग इलेवन चुनी थी। नतीजा भारत के पक्ष में नहीं गया। सोशल मीडिया पर भी अब इस फैसले को लेकर सवाल उठ रहे हैं और कुछ फैंस तो सारांश जैन को दोबारा टेस्ट टीम में शामिल नहीं करने की मांग तक कर रहे हैं।