ट्रेन में सीट बदल सकते हैं या नहीं? जानिए क्या कहता है रेलवे का नियम - indian railways seat change rules can you swap train seats without tte permission fines penalties explained

Published on 25 अग॰ 2026

रेलवे के नियमों के अनुसार, बिना TTE की अनुमति के ट्रेन में सीट बदलना या वेटिंग टिकट पर यात्रा करना कानूनी जुर्म है।

(यह तस्वीर AI से बनाई गई है)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ट्रेन से यात्रा करना सभी को पसंद होता है, ट्रेन लंबी दूरी के लिए एक आरामदायक और सस्ता जरिया है। कई बार हम अपने दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ ट्रेन यात्रा करना पसंद करते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि समय से टिकट बुक न करने या फिर अन्य किसी कारण के चलते हमें अपने दोस्तों-रिश्तेदारों साथ या उनके पास की सीट नहीं मिल पाती है।

ऐसे में अक्सर लोग दूसरे यात्रियों से रिक्वेस्ट करते हैं कि वे अपनी सीट आपकी सीट से बदल लें। कई बार ऐसा करने में कहासुनी भी हो जाती है। अगर आप भी बिना TTE की अनुमति से ऐसा करते हैं तो सावधान हो जाइए। क्योंकि रेलवे के मुताबिक यह जुर्म है और इसके लिए जेल तक की सजा का प्राविधान है। इस लेख में हम आपको बताएंगे आखिर ट्रेन में सीट बदलने को लेकर क्या कहता है रेलवे का नियम?

बिना अनुमति सीट बदला रेलवे के मुताबिक कानूनी जुर्म?

रेलवे के नियम के अनुसार यात्री का अपनी सीट छोड़कर किसी अन्य यात्री की अरक्षित सीट पर जाकर बैठना कानूनी जुर्म है। इसके लिए भारी जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है। हालांकि कोई यात्री अपनी सीट किसी अन्य सह-यात्री के साथ आपसी सहमति से बदलना चाहते हैं, तो यह पूरी तरह से दोनों यात्रियों की सहमती पर निर्भर करता है।

इसके अलावा TTE की आधिकारिक अनुमति से सीट या कोच बदले जा सकता है। यदि ट्रेन में कोई अन्य सीट खाली है, तो TTE रेलवे के नियमों के अनुसार आपको वह सीट दे सकता है। बिना TTE की जानकारी या अनुमति के अपनी मर्जी से किसी और की आरक्षित सीट पर बैठना या सोना नियमों के खिलाफ है।

कितना लगता है जुर्माना?

अपनी सीट छोड़कर किसी अन्य यात्री की अरक्षित सीट पर बैठने पर रेलवे 250 रूपए का जुर्माना ठोकता है।

क्या अपनी सीट किसी को बेच सकते हैं?

अगर आप अपनी अरक्षित सीट किसी अन्य यात्री को बेचते हैं या अन्य तरीके से किसी और को दे देते हैं तो यह रेलवे के नियम के मुताबिक कानूनी रूप से जुर्म की श्रेणी में आता है। ट्रेन की टिकट रेलवे के जरिए से ही बेची जाती है। बिना रेलवे की अनुमति के टिकट बेचना धारा 143 के तहत जुर्म है। इसके लिए 3 साल की जेल और 10 हजार रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

क्या वेटिंग टिकट पर कर सकते हैं सफर?

कई बार ऐसा होता है कि हम टिकट बुक करते हैं लेकिन चार्ट बनने के बाद भी टिकट वेटिंग में रह जाती है। अब ऐसे में कई बार व्यक्ति वेटिंग टिकट लेकर ही यात्रा करने लगता है। आपको बता दें यह पूरी तरह से जुर्म है और इसके लिए TTE आपसे 250 रुपये जुर्माना और ट्रेन के पूरे टिकट का पैसा वसूललता है।