राजस्थान के 134 स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूलों में दसवीं के बाद स्टूडेंट्स के सामने पढ़ाई जारी रखने की समस्या है। इन स्कूलों में अभी विज्ञान संकाय संचालित है, जबकि कला और वाणिज्य की सुविधा नहीं होने से कई स्टूडेंट्स को दूसरा स्कूल चुनना पड़ता ह
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134 मॉडल स्कूलों में दसवीं के बाद समस्या
प्रदेश में अभी 134 स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूलों में टोंक जिले के 5 स्कूल भी शामिल हैं। इन स्कूलों में दसवीं के बाद पढ़ाई जारी रखने वाले स्टूडेंट्स के सामने पर्याप्त संकाय नहीं होने की समस्या बनी हुई है।
इन स्कूलों में विज्ञान विषय के मेडिकल और नॉन मेडिकल विकल्प हैं। कुछ स्कूलों में केवल इकोनॉमिक्स भी है। लेकिन कला और वाणिज्य संकाय नहीं होने के कारण कक्षा 10वीं के बाद इन संकायों में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को परेशानी होती है।
दसवीं पास करने के बाद सामान्य तौर पर स्टूडेंट्स को कला, वाणिज्य और विज्ञान में से अपनी रुचि के अनुसार सब्जेक्ट चुनने का मौका मिलता है। लेकिन मॉडल स्कूलों में फिलहाल केवल विज्ञान संकाय चल रहा है। इस वजह से कला या वाणिज्य से पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले स्टूडेंट्स को दूसरे स्कूल में प्रवेश लेना पड़ता है। इसके कारण हर साल करीब 40 प्रतिशत स्टूडेंट्स दसवीं के बाद मॉडल स्कूल छोड़ रहे हैं।

2014-15 से शुरू हुए मॉडल स्कूल
राजस्थान में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल योजना की शुरुआत मुख्य रूप से साल 2014-15 में की गई थी। इसके तहत शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्लॉक्स में 134 स्कूल शुरू किए गए। ये स्कूल अंग्रेजी माध्यम के हैं और केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर चलते हैं। इनमें कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है। सत्र 2024-25 से इन स्कूलों में प्राइमरी स्तर यानी कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई भी शुरू की गई है।
186 पिछड़े ब्लॉक्स में से 134 में मॉडल स्कूल
राज्य में 186 पुराने शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्लॉक्स में से 134 में सत्रवार स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल चल रहे हैं। इनमें जयपुर में 2, जोधपुर में 9, उदयपुर में 6, बीकानेर में 1, अलवर में 10, चित्तौड़गढ़ में 10, भीलवाड़ा में 11, बूंदी में 4, प्रतापगढ़ में 1, दौसा में 4, करौली में 4, सवाईमाधोपुर में 5, धौलपुर में 1, डूंगरपुर में 5, बांसवाड़ा में 6, जालौर में 2, बाड़मेर में 5, जैसलमेर में 3, गंगानगर में 2, सिरोही में 2, पाली में 6, अजमेर में 4, नागौर में 9, राजसमंद में 7, टोंक में 5 और बारां जिले में 6 मॉडल स्कूल शामिल हैं।
इन सभी स्कूलों में करीब 45 हजार 168 स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं।