शेख हसीना के एक ऐलान से बांग्लादेश में हड़कंप, सरकार ने मीडिया के लिए जारी किया फरमान, कहा- होगी कार्रवाई| Navbharat Live

Published on 12 जुल॰ 2026

शेख हसीना के एक ऐलान से बांग्लादेश में हड़कंप, सरकार ने मीडिया के लिए जारी किया फरमान, कहा- होगी कार्रवाई

  • Written By:

    अक्षय साहू

Updated On: Jul 12, 2026 | 07:32 PM IST

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सार

Sheikh Hasina Will Return to Bangladesh: बांग्लादेश सरकार ने मीडिया से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेख हसीना के बयानों के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

Bangladesh Ban Sheikh Hasina Interview

बांग्लादेश सरकार ने शेख हसीना के इंटरव्यू प्रसारण पर बैन लगाया (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

Bangladesh Ban Sheikh Hasina Interview: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के एक हालिया इंटरव्यू के बाद देश में नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। सरकार ने सभी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, ऑनलाइन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कहा है कि वो शेख हसीना के किसी भी बयान, भाषण या इंटरव्यू का ब्रॉडकास्ट और पब्लिश न करें। सरकार का कहना है कि यह कदम अदालत के पहले से लागू आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

यह निर्देश उस समय जारी किया गया, जब समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए गए शेख हसीना के इंटरव्यू को बांग्लादेश के कई मीडिया संस्थानों ने प्रकाशित और प्रसारित किया। इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा था कि वह इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौट जाएंगी। उनके इस बयान के बाद सरकार ने मीडिया को अदालत के आदेशों की याद दिलाते हुए सख्ती बरतने को कहा।

अदालत के आदेश का दिया हवाला

सरकार ने शुक्रवार देर रात जारी बयान में कहा कि साल 2024 में इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने शेख हसीना के बयानों के प्रसारण पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसके अलावा सरकार ने यह भी साफ किया कि जिन लोगों को अदालत दोषी ठहरा चुकी है और जिन्हें फरार घोषित किया गया है, उनके बयान, इंटरव्यू या ऑडियो-वीडियो संदेश के ब्रॉडकास्ट पर भी कानूनी प्रतिबंध लागू हैं। इसलिए सभी मीडिया संस्थानों को इन नियमों का पालन करना होगा।

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इस बीच, लंदन में रहने वाले वरिष्ठ बांग्लादेशी पत्रकार सैयद बदरुल अहसान ने शेख हसीना के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश लौटने की उनकी इच्छा इस बात का संकेत है कि वह अब भी देश की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं में से एक हैं। अहसान के मुताबिक, अगर शेख हसीना स्वदेश लौटती हैं तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी होगी।

पहले भी हो चुके हैं जानलेवा हमले

अहसान ने यह भी याद दिलाया कि शेख हसीना पर पहले भी कई बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1988 में चटगांव में उन पर हमला हुआ था। इसके बाद 2004 में ढाका में हुए ग्रेनेड हमले में भी वह निशाना बनी थीं। ऐसे में उनकी संभावित वापसी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होगी।

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फिलहाल शेख हसीना से जुड़े कानूनी और राजनीतिक विवाद बांग्लादेश में लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसी बीच बांग्लादेश सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने वाले मीडिया संस्थानों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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