Chhattisgarh Independence Day: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ की मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों में ध्वजारोहण किया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के स्वर भी गूंजेंगे। इस संबंध में छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने आदेश जारी किया है।
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/08/14/chhattisgarh-independence-day-2026-08-14-19-59-31.webp)
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा- निर्देश मामने जरूरी
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि 15 अगस्त को सभी संबंधित संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, तिरंगा देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना
वक्फ बोर्ड के आदेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों का हवाला देते हुए 15 अगस्त को मस्जिदों और मदरसों में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया है। वक्फ बोर्ड के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है।
तिरंगे का सम्मान जरूरी, वरना कार्रवाई
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मीडिया से चर्चा में बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर लालकिला पर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों गाए जाएंगे। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ की सभी मस्जिदों, दरगाहों, इमामबाड़ों और खानकाहों में ध्वजारोहण किया जाएगा। भारत सरकार के निर्देशानुसार, ध्वजारोहण के साथ राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गाना भी जरूरी है।
तिरंगा गरिमा और सम्मान का प्रतीक
डॉ. सलीम राज ने कहा कि जो लोग ऐसा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि तिरंगा हमारे देश की गरिमा और सम्मान का प्रतीक है। जो तिरंगे का सम्मान नहीं करता, उसे इस देश में रहने का अधिकार नहीं है। ऐसे लोगों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए। अगर हिंदुस्तान में रहना है, तो कानून का पालन करना ही पड़ेगा।
पिछली बार 8,232 मस्जिदों में तिरंगा फहराया गया
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि पिछली बार छत्तीसगढ़ की 8,232 मस्जिदों, दरगाहों, इमामबाड़ों और मदरसों में ध्वजारोहण किया गया था। इस दौरान करीब 42 लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया था। इनमें से कुछ लोगों ने माफी मांग ली, जबकि 12 मुतवल्लियों को उनके पद से हटा दिया गया।
ये खबर भी पढ़ें:CG Police Transfer Ban: छत्तीसगढ़ में पुलिस अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश पर रोक, जानें हाईकोर्ट ने क्यों दिए निर्देश
राष्ट्रीय गीत का अपमान करने पर क्या है सजा ?
नियमानुसार, अगर कोई राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम) का अपमान करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यह नियम राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत लागू किया गया है।
इस कानून के मुताबिक, अगर कोई जानबूझकर राष्ट्रगीत के गायन में रुकावट डालता है, उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करता है या जानबूझकर उसका अनादर करता है, तो यह अपराध माना जाएगा। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है।
लेकिन, सिर्फ राष्ट्रगीत न गाना हर बार अपराध नहीं है। यह कानून मुख्य रूप से अपमान और गायन में बाधा डालने जैसी गतिविधियों पर लागू होता है।
ये खबर भी पढ़ें: सीजी पुलिस कॉन्स्टेबल प्रमोशन केस: सीनियरिटी के मुद्दे पर हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित, आरक्षकों को इंतजार
सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली खबर: TET Exam: शिक्षकों के पास 31 अगस्त तक का समय, सुप्रीम कोर्ट ने तय की डेडलाइन, नौकरी और प्रमोशन पर पड़ सकता है असर, जानें डिटेल