ड्यूटी पर जा रहे डॉक्टर की सड़क हादसे में मौत:शहर के रोड पर फैला था गिट्टी और बालू, बुलेट बाइक फिसल गई
मुजफ्फरपुर1 घंटे पहले
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मुजफ्फरपुर में ड्यूटी पर जा रहे एक डॉक्टर की सड़क हादसे में मौत हो गई। सड़क पर गिट्टी और बालू फैली हुई थी, जिसके कारण उनकी बाइक अनबैलेंस होकर गिर गई। उन्हें आसपास के लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, पर जान नहीं बची।
मृतक डॉ. शशांक )30) वैशाली के जैतीपुर गांव के रहने वाले थे। जो काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के गन्नीपुर मिश्रा टोला में रह रहे थे। एक निजी अस्पताल के आईसीयू इंजार्ज थे। घटना चक्कर चौक की है।

शशांक का फाइल फोटो।
अस्पताल ड्यूटी के लिए निकले थे, चक्कर चौक पर हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि डॉ. शशांक कांवरिया सेवा शिविर से आवास आए। इसके बाद बुलेट बाइक पर सवार होकर अस्पताल में ड्यूटी के लिए निकले थे। चक्कर चौक के पास पहुंचते ही सड़क पर नाला निर्माण के लिए फैलाई गई गिट्टी और बालू पर उनकी बाइक फिसल गई।
अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ने से डॉक्टर सड़क पर गिर गए। हादसे में उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
निर्माण एजेंसी की लापरवाही से गई जान- परिजन
हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। परिजन का आरोप है कि नाला निर्माण करा रही एजेंसी की लापरवाही के कारण डॉ. शशांक की जान गई।
परिजन के मुताबिक चक्कर चौक पर नाला निर्माण के लिए गिट्टी और बालू को सड़क के बड़े हिस्से में फैलाकर छोड़ दिया गया है। निर्माण सामग्री के आसपास न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही रात में दिखाई देने वाले रेडियम संकेतक लगाए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर इस तरह निर्माण सामग्री छोड़ने से आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। लोगों ने निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई और सड़क पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम कराने की मांग की है।

सड़क किनारे गिट्टी और बालू।
डॉक्टर की मौत से चिकित्सकों में शोक
डॉ. शशांक की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों में शोक है। सहकर्मियों ने बताया कि वह अस्पताल में ICU की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के वास्तविक कारणों और निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की भी जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निर्माणाधीन सड़क और नाला कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।
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