धान घोटाले में खाद्य विभाग ने मानी अफसरों की मिलीभगत: कुरुक्षेत्र पुलिस को लिखा लेटर, राइस मिल पर केस दर्ज कराने वाले इंस्पेक्टर का भी नाम - Kurukshetra News

Published on 9 अग॰ 2026

कुरुक्षेत्र के पिहोवा में राज्यमंत्री राजेश नागर से मिलते BKU के प्रवक्ता और किसान।

कुरुक्षेत्र जिले में खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान सामने आए धान घोटाले में अब फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के दो अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। विभाग ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश की है। हालांकि दोनों अधिकारी म

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इस मामले में पिहोवा थाना सदर में FIR भी दर्ज की गई थी। चौंकाने बात ये है कि जिस इंस्पेक्टर ने राइस मिल पर मामला दर्ज करवाया था, उसी इंस्पेक्टर को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सस्पेंड किया। अब उस इंस्पेक्टर समेत AFSO पर घोटाले में मिलीभगत के आरोप में FIR दर्ज करने की मांग के लिए पुलिस को लेटर लिखा है।

सीसीटीवी फुटेज में जांच के लिए मिल पहुंची टीम।

सीसीटीवी फुटेज में जांच के लिए मिल पहुंची टीम।

पौने 11 करोड़ का विभाग को नुकसान

दरअसल, पिहोवा के नीमवाला में फिजिकल वेरिफिकेशन (PV) जांच के दौरान राइस मिल के अंदर 33,122.25 क्विंटल धान कम मिला था। विभाग के अनुसार इससे करीब 10.76 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इस मामले में थाना सदर पिहोवा में FIR 17 मार्च 2026 को दर्ज हो चुकी है।

इंस्पेक्टर-AFSO को शामिल करने की सिफारिश

अब विभाग ने इस FIR की जांच में सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी (AFSO) और खाद्य एवं पूर्ति निरीक्षक (इंस्पेक्टर) के नाम भी शामिल करने की मांग की है। विभागीय लेटर में दोनों अधिकारियों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने और राइस मिल के साथ उनकी मिलीभगत स्पष्ट होने की बात कही गई है।

फूड एंड सप्लाई विभाग के AFSO जसबीर सिंह और इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा। (सफेद शर्ट), जिनको मामले में सस्पेंड किया।

फूड एंड सप्लाई विभाग के AFSO जसबीर सिंह और इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा। (सफेद शर्ट), जिनको मामले में सस्पेंड किया।

राज्यमंत्री से मिले थे किसान यूनियन के पदाधिकारी

इसी मामले में कार्रवाई में देरी को लेकर भारतीय किसान यूनियन (BKU) पिहोवा ने रोष जताया। BKU ने आरोप लगाया कि करीब दो महीने पहले राज्यमंत्री राजेश नागर ने अधिकारियों के खिलाफ FIR की कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं हुई थी।

अनाज मंडी पिहोवा में राज्यमंत्री से मिले

BKU प्रवक्ता प्रिंस वडैच ने बताया कि विभागीय कार्रवाई के तहत AFSO जसबीर सिंह और इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा को सस्पेंड किया गया था। इसके बाद भी FIR में अधिकारियों की भूमिका को लेकर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। तब वे राज्यमंत्री राजेश नागर से पिहोवा अनाज मंडी में मिले थे। इस पर राज्यमंत्री ने विभाग के डायरेक्टर से फोन पर बात कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया था।

लेटर में अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से भेजे गए लेटर के मुताबिक, राइस मिल में उपलब्ध स्टॉक की PV में 33,122.25 क्विंटल धान कम मिला था। इस मामले में संबंधित AFSO और इंस्पेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। दोनों अधिकारियों ने लिखित जवाब दिए, लेकिन विभाग ने उन्हें संतोषजनक नहीं माना।

BKU पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वडै़च।

BKU पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वडै़च।

पिछली तारीख में बनाकर दी रिपोर्ट

लेटर में विभाग ने कहा कि दोनों अधिकारियों की ओर से सही समय पर PV की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। जो रिपोर्ट दी गई, वह पिछली तारीख में तैयार करके दी गई थी। विभाग ने इसे राइस मिल के साथ अधिकारियों की मिलीभगत का संकेत माना है। इससे विभाग को करीब पौने 11 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इसलिए उन पर कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा गया।

जबरदस्ती साबित करने की कोशिश : अंकुर जांगड़ा

मामले को लेकर सस्पेंड चल रहे इंस्पेक्टर अंकुर जांगड़ा ने कहा कि धान का कोई घोटाला नहीं हुआ है। सिर्फ इसे जबरदस्ती साबित करने की कोशिश चल रही है। उनके पहले 2 एजेंसी PV कर चुकी थी। ये सिर्फ किसानों के दबाव में कार्रवाई चल रही है। उनकी उस समय यहां ड्यूटी भी नहीं थी। AFSO जसबीर का भी इसमें कोई रोल नहीं है।