फीफा वर्ल्ड कप में मिकेल मेरिनो ने रचा ऐसा इतिहास, दुनिया का कोई खिलाड़ी आज तक नहीं कर पाया ये कारनामा
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Written By:
सृष्टि मौर्य
Updated On: Jul 11, 2026 | 02:29 PM IST
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सार
Super-Sub Mikel Merino: क्वार्टर फाइनल में सुपर-सब मिकेल मेरिनो के आखिरी मिनटों में किए गए शानदार गोल की बदौलत स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।

मिकेल मेरिनो (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Super-Sub Delivers Match-Winning Magic: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस जीत के हीरो एक बार फिर मिकेल मेरिनो रहे। उन्हें मैच के 86वें मिनट में मैदान पर उतारा गया और सिर्फ दो मिनट बाद उन्होंने विजयी गोल दागकर स्पेन को आखिरी चार में पहुंचा दिया। अब सेमीफाइनल में स्पेन का सामना फ्रांस से होगा।
मिकेल मेरिनो ने कैसे रचा इतिहास
मिकेल मेरिनो ने इससे पहले प्री-क्वार्टर फाइनल में भी पुर्तगाल के खिलाफ अतिरिक्त समय में गोल कर स्पेन को जीत दिलाई थी। अब बेल्जियम के खिलाफ भी उन्होंने बेंच से उतरकर मैच का फैसला कर दिया। इसके साथ ही मेरिनो फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक ही विश्व कप के दो अलग-अलग नॉकआउट मुकाबलों में बतौर सब्स्टीट्यूट विजयी गोल किया।
पहले हाफ में दोनों टीमों ने किए गोल
मैच का पहला गोल स्पेन की ओर से 30वें मिनट में फाबियन रुइज ने किया। इसके बाद बेल्जियम ने 41वें मिनट में चार्ल्स डी केटेलारे के हेडर की मदद से मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल के साथ स्पेन की लगातार छह वर्ल्ड कप मैचों तक बिना गोल खाए रहने की लय भी टूट गई।
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थिबाउट कूर्तुआ को छोड़ना पड़ा मैदान
दूसरे हाफ में दोनों टीमें लगातार गोल की तलाश में रहीं। 71वें मिनट में बेल्जियम को बड़ा झटका लगा, जब उसके स्टार गोलकीपर थिबाउट कूर्तुआ चोट के कारण मैदान छोड़ने पर मजबूर हो गए। इसके बाद 88वें मिनट में स्पेन के पाउ कुबार्सी के शॉट पर बेल्जियम के स्थानापन्न गोलकीपर गेंद को पूरी तरह नहीं रोक सके। मिकेल मेरिनो ने मौके का फायदा उठाते हुए रिबाउंड पर गोल दाग दिया और स्पेन को 2-1 की यादगार जीत दिला दी।
16 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंचा स्पेन
इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 में विश्व कप जीतने के बाद पहली बार टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। साथ ही टीम का नियमित समय में अजेय रहने का सिलसिला भी 36 मैचों तक पहुंच गया। अब स्पेन की नजरें फ्रांस को हराकर एक बार फिर वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने पर होंगी।
