उदयनिधि स्टालिन को मद्रास हाईकोर्ट से राहत: पूछताछ के बाद रिहा करने का निर्देश, जानें पूरा मामला
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु पुलिस को निर्देश दिया है कि पूछताछ के बाद उदयनिधि स्टालिन को रिहा कर दिया जाए। अभिनेत्री तृषा पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तारी हुई थी।
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु पुलिस को निर्देश दिया है कि पूछताछ के बाद उदयनिधि स्टालिन को रिहा कर दिया जाए।
- Published: 04 Aug 2026, 03:36 PM IST
- Last Updated: 04 Aug 2026, 06:08 PM IST
Udhayanidhi Stalin: तमिलनाडु में चल रही सियासी उठापटक के बीच विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को मद्रास हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने तमिलनाडु पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पूछताछ की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उदयनिधि स्टालिन को रिहा कर दिया जाए। हाईकोर्ट ने उन्हें स्टेशन बेल दिए जाने का भी निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि जरूरत पड़ने पर उदयनिधि स्टालिन जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु के एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने मद्रास हाईकोर्ट को पहले ही यह जानकारी दे दी थी कि डीएमके विधायक उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार तो किया गया है, लेकिन पुलिस का उन्हें रिमांड पर लेने का कोई इरादा नहीं है। एडवोकेट जनरल ने अदालत को आश्वस्त किया था कि पूछताछ की औपचारिकता पूरी होने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा।
कावेरी जल विवाद रैली में दिया था विवादित बयान
यह पूरा मामला तीन अगस्त का है, जब कावेरी जल विवाद को लेकर द्रमुक यानी डीएमके के किसानों द्वारा एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। इसी रैली के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने भाषण दिया था। आरोप है कि भाषण के वक्त भीड़ के एक वर्ग ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लिया था, जिसके जवाब में उन्होंने अभिनेत्री के संदर्भ में आपत्तिजनक और द्विअर्थी टिप्पणी कर दी थी।
मुख्यमंत्री विजय थलपति के खिलाफ की थी कथित टिप्पणी
तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन को मुख्यमंत्री विजय थलपति के खिलाफ कथित टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। डीएमके नेता पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री की एक लोकप्रिय तमिल अभिनेता के साथ दोस्ती के बारे में यौन रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों डीएमके कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
टीवीके पार्टी ने महिला आयोग में दर्ज कराई शिकायत
इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के साथ ही मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने भी सख्त रुख अपनाया है। पार्टी ने इस भाषण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने का गंभीर आरोप
शिकायतकर्ताओं ने उदयनिधि स्टालिन और द्रमुक आईटी शाखा के पदाधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इन लोगों ने जानबूझकर महिलाओं को नीचा दिखाने, अभिनेत्री और आम महिलाओं को मानसिक पीड़ा पहुंचाने का काम किया है। साथ ही, समाज में जानबूझकर जन अशांति फैलाने के इरादे से इस घटना का दो मिनट 39 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रसारित किया गया है।