गणेश नाईक की एकनाथ शिंदे को सीधी चेतावनी! नवी मुंबई में क्लस्टर योजना पर छिड़ी जंग, महायुति में ऑल इज नॉट वेल?
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Written By:
गोरक्ष पोफली
Updated On: Aug 02, 2026 | 09:11 PM IST
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सार
Ganesh Naik Eknath Shinde Cluster Scheme: नवी मुंबई में क्लस्टर योजना पर गणेश नाईक ने सीएम एकनाथ शिंदे को चेतावनी दी है। इस तकरार से महायुति में अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

एकनाथ शिंदे और गणेश नाईक (सोर्स: सोशल मीडिया)
विस्तार
Ganesh Naik Warns Eknath Shinde: महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन की सरकार भले ही ऊपर से शांत दिखती हो, लेकिन भीतर ही भीतर वर्चस्व की लड़ाई अब उबलने लगी है। ताजा मामला नवी मुंबई का है, जहां भाजपा के दिग्गज नेता और वन मंत्री गणेश नाईक ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
यह विवाद इतना बढ़ गया है कि नाईक ने सार्वजनिक मंच से सीधे शिंदे को चेतावनी दे डाली है, जिससे महायुति गठबंधन के भीतर की दरारें एक बार फिर उजागर हो गई हैं।
मुझसे उलझे तो जगह नहीं रहने दूंगा
विवाद की जड़ में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की महत्वाकांक्षी क्लस्टर विकास योजना और UDCPR नियमावली है। गणेश नाईक ने इस योजना की तीखी आलोचना करते हुए सीधे शब्दों में कहा, अगर मुझसे उलझे, तो तुम्हारी जगह सही नहीं रहने दूंगा। यह बयान सीधे तौर पर एकनाथ शिंदे की ओर इशारा था, जिससे नवी मुंबई और ठाणे के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
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क्या है पूरा विवाद?
गणेश नाईक ने क्लस्टर विकास योजना को डेवलपमेंट का पागलपन करार दिया है। उनका तर्क है कि यदि नवी मुंबई के सेक्टर-9 जैसे इलाकों में इस नियमावली को पूरी तरह लागू किया गया, तो वहां जनसंख्या का घनत्व इतना बढ़ जाएगा कि लोगों को फुटपाथ पर चलने के लिए भी धक्के खाने पड़ेंगे। नाईक का आरोप है कि नगर विकास विभाग के कुछ फैसलों से आम जनता को फायदा होने के बजाय केवल अव्यवस्था बढ़ेगी।
इसके अलावा, गणेश नाईक ने पहले भी नगर विकास विभाग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि सिडको के कीमती भूखंड बिल्डरों के हवाले किए जा रहे हैं। उस समय उन्होंने गुस्से में यहां तक कह दिया था कि अगर जनता की सुविधा के लिए प्लॉट नहीं मिल सकते, तो ऐसे मंत्री पद का क्या फायदा? उन्होंने नवी मुंबई नगर निगम के फंड के दुरुपयोग और प्रभाग रचना में की गई छेड़छाड़ को लेकर भी शिंदे गुट को निशाने पर लिया था।
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पुरानी अदावत और वर्चस्व की लड़ाई
यह विवाद केवल एक योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे ठाणे और नवी मुंबई पर वर्चस्व की पुरानी राजनीतिक लड़ाई है। एकनाथ शिंदे और गणेश नाईक दोनों ही इस क्षेत्र के बड़े चेहरे हैं। हालांकि वे दोनों फिलहाल महायुति सरकार का हिस्सा हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए उनके बीच अक्सर खटपट होती रहती है।
