गोरखपुर के विनियमित क्षेत्र में पास होने लगे नक्शे: सावन के पहले दिन पहला नक्शा स्वीकृत हुआ; लोगों को राहत मिली - Gorakhpur News

Published on 2 अग॰ 2026

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने विनियमित क्षेत्र में नक्शे स्वीकृत करना शुरू कर दिया है। सावन के पहले दिन यानी 30 जुलाई को पहला नक्शा स्वीकृत किया गया। यह नक्शा पिछले कई दिनों से पेंडिंग था। इसके साथ ही कुछ और नक्शे स्वीकृत किए गए हैं। GDA की अनुमति

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शहर में लंबे समय से विनियमित क्षेत्र में नक्शे पास नहीं हो रहे थे। महायोजना 2021 के दौरान जब भी इस क्षेत्र का कोई निवासी मानचित्र के लिए आवेदन करता तो उसमें यह बताया जाता कि जमीन विनियमित क्षेत्र के अधीन है। विनियमित होने के बाद ही मानचित्र पास किया जा सकेगा। लोगों को काफी लंबा इंतजार करना पड़ा। फिर महायोजना 2031 में इस समस्या का हल निकलने की उम्मीद जगी थी।

महायोजना 2031 में क्या प्रावधान किए गए

महायोजना 2031 को बनाने की प्रक्रिया जब शुरू हुई तो विनियमितीकरण की समस्या का समाधान ढूंढने का प्रयास किया गया। दावे एवं आपत्तियों के माध्यम से इसका रास्ता निकाला गया। GDA बोर्ड की बैठक में जब पुनरीक्षिति महायोजना 2031 को मंजूर कर शासन को भेजा गया तब भी समाधान मिलने की संभावना थी। लेकिन शासन की ओर से अपने स्तर पर इसका निस्तारण करने की बजाए बोर्ड को फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया गया। इसके बाद बोर्ड ने समिति बनाई और शर्त एक एवं शर्त दो में विनियमित क्षेत्र को बांटकर व्यवस्था बना दी गई। एक कमेटी का गठन किया गया और उसकी संस्तुति के बाद ही नक्शा पास करने पर सहमति बनी। लेकिन समिति की ओर से एक भी संस्तुति नहीं हो सकी थी।

जानिए शर्त एक एवं शर्त दो में क्या अंतर है

विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत शर्त एक में उन भूखंडों को लिया गया, जिनके भू उपयोग आवासीय या व्यावसायिक थे। जबकि शर्त दो में उन भूखंडों को लिया गया जो जलाशय, ग्रीन लैंड, खुला क्षेत्र आदि के रूप में दर्ज थे। प्राधिकरण की ओर से शर्त एक में नक्शे पास किए जा रहे हैं। शर्त दो को लेकर शासन से दिशा-निर्देश मांगे जाएंगे।

कई महीने नक्शे लिए ही नहीं गए जीडीए बोर्ड ने जब शर्त एक एवं शर्त दो में भूखंडों को बांटा दो यह दावा किया गया था कि शर्त एक के मानचित्र पास होंगे और शर्त दो के नक्शे पर भी कमेटी की संस्तुति के बाद विचार किया जाएगा। लेकिन GDA ने कई महीने तक शर्त एक के भी नक्शे लिए ही नहीं। यानी उनके लिए कोई आवेदन ही नहीं कर सका। जब इस बात को लेकर सवाल खड़े किए गए तो प्राधिकरण ने इसके अंतर्गत नक्शा जमा करने की स्वीकृति दे दी। कुछ नक्शे जमा भी हुए लेकिन उसपर विचार नहीं किया गया, जिससे नक्शे पेंडिंग पड़े रहे। अब जाकर नक्शों को पास करने की अनुमति दी गई है।

जीडीए की बढ़ेगी आय GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि शर्त के अंतर्गत नक्शे जमा किए जा सकेंगे और पास भी होंगे। हाल ही में कुछ नक्शे पास किए गए हैं। इससे उम्मीद है कि बड़े पैमाने पर नक्शे के लिए आवेदन आएगा और प्राधिकरण की आय में बढ़ोत्तरी होगी।