डिजिटल फ्रॉड से बचने पुलिस ने बताए उपाय: मेडिकल कॉलेज में लगा साइबर जागरूकता कैंप, 'POLICE' फॉर्मूले से बताया कैसे बचें - Jagdalpur News

Published on 25 अग॰ 2026

साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच बस्तर पुलिस ने मंगलवार को डिमरापाल स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों और आम लोगों को फर्जी कॉल, लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और ऑनला

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समझाई साइबर सुरक्षा

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने साइबर ठगी से बचाव के लिए POLICE शब्द के जरिए जरूरी सावधानियां समझाईं। उन्होंने बताया कि पासवर्ड और OTP किसी से साझा नहीं करना चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। अपनी पहचान और निजी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से चैट करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी होने पर पीड़ित को समय गंवाए बिना 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर सूचना देनी चाहिए।

डिजिटल अरेस्ट और फर्जी लिंक से भी रहें सावधान

कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों की जानकारी दी। फर्जी बैंक कॉल, फर्जी प्रोफाइल, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक और ऑनलाइन वित्तीय ठगी के मामलों को उदाहरण के साथ समझाया गया। विद्यार्थियों और आम लोगों को समझाइश दी गई कि OTP, UPI PIN, ATM PIN, पासवर्ड और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने और सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा निजी जानकारी साझा करने से बचें।

‘POLICE’ फॉर्मूले से समझाई साइबर सुरक्षा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने साइबर ठगी से बचने के लिए ‘POLICE’ शब्द के जरिए महत्वपूर्ण सावधानियां बताईं। P – Password: अपना पासवर्ड किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें और मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें। O – OTP: बैंकिंग या किसी अन्य सेवा से संबंधित OTP किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं। L – Link: अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। I – Identity: आधार, बैंक डिटेल, पैन कार्ड सहित अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखें। C – Chat: सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय सावधानी बरतें। E – Emergency: साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत करें।

पुलिस ने साइबर अपराध या ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत करने के साथ cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना रहा।