PMOS जागरूकता माह: PMOS को कंट्रोल करने के लिए कैसी हो डाइट? इन वायरल दावों से रहें दूर

Published on 11 सित॰ 2026

Fri, 11 Sep 2026 10:58 AM IST

Shruti Gaur

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shruti Gaur Updated Fri, 11 Sep 2026 10:58 AM IST

सार

PMOS Awareness Month: PMOS यानी PCOS में डाइट का अहम योगदान हो सकता है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हर दावा सही नहीं होता। इस लेख में जानेंगे कि PMOS में कौन-से खाद्य पदार्थ और डाइट पैटर्न वैज्ञानिक रूप से मददगार माने जाते हैं और किन लोकप्रिय दावों से सावधान रहना चाहिए।

PMOS Awareness Month:  PCOS यानी PMOS को लेकर सोशल मीडिया पर डाइट से जुड़े कई दावे तेजी से वायरल होते हैं। कहीं किसी खास फल को हार्मोन बैलेंस करने वाला बताया जाता है, तो कहीं ग्लूटेन, डेयरी या कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह छोड़ने की सलाह दी जाती है। लेकिन हर वायरल दावा वैज्ञानिक रूप से सही हो, यह जरूरी नहीं है।

PMOS में किसी एक खास डाइट या फूड को जादुई इलाज मानना सही नहीं है। इसके बजाय संतुलित और पौष्टिक खान-पान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना ज्यादा जरूरी है। इस लेख में जानेंगे कि PMOS में कौन-से फूड और डाइट पैटर्न मददगार हो सकते हैं और सोशल मीडिया पर वायरल किन दावों से सावधान रहने की जरूरत है।

PMOS Awareness Month perfect and worst diet for pmos affected women in hindi

PMOS में क्या खाएं और क्या नहीं? - फोटो : AI

PMOS में कौन-सी डाइट मदद कर सकती है?

 PMOS में किसी एक खास फूड या “मैजिक डाइट” पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित और लंबे समय तक अपनाई जा सकने वाली डाइट पर ध्यान देना चाहिए।

  • साबुत अनाज जैसे ओट्स, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन रोटी को डाइट में शामिल करें।
  • दाल, चना, राजमा और अन्य फलियां फाइबर और प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।
  • हरी सब्जियों के साथ अलग-अलग रंग के फलों को डाइट का हिस्सा बनाएं।
  • बादाम, अखरोट, अलसी और चिया सीड्स जैसे नट्स और सीड्स सीमित मात्रा में ले सकते हैं।
  •  प्रोटीन के लिए अंडे, मछली, चिकन, दही या अन्य उपयुक्त विकल्प शामिल किए जा सकते हैं।
  • ज्यादा चीनी, मीठे पेय, फास्ट फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड को कम करना बेहतर है।

PMOS Awareness Month perfect and worst diet for pmos affected women in hindi

PMOS में क्या खाएं और क्या नहीं? - फोटो : AI

 सोशल मीडिया के किन दावों से रहें सावधान?

 सोशल मीडिया पर PMOS को लेकर कई तरह के डाइट टिप्स और घरेलू नुस्खे वायरल होते रहते हैं। अक्सर किसी एक फल, बीज, हर्बल ड्रिंक या खास जूस को PMOS ठीक करने वाला बताया जाता है। हालांकि, किसी एक खाद्य पदार्थ के सेवन से PMOS पूरी तरह ठीक हो जाता है, ऐसा मानना सही नहीं है। PMOS एक जटिल हार्मोनल स्थिति है, जिसे मैनेज करने के लिए डाइट के साथ एक्सरसाइज, नींद, तनाव और जरूरत पड़ने पर मेडिकल ट्रीटमेंट पर भी ध्यान देना पड़ सकता है।

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PMOS में क्या खाएं और क्या नहीं? - फोटो : AI

इसी तरह सोशल मीडिया पर ग्लूटेन या डेयरी को पूरी तरह छोड़ने की सलाह भी मिलती है। लेकिन हर महिला के लिए ग्लूटेन-फ्री या डेयरी-फ्री डाइट जरूरी नहीं होती। यदि किसी व्यक्ति को किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी, असहिष्णुता या उसे खाने के बाद परेशानी होती है, तभी विशेषज्ञ की सलाह से उसे डाइट से हटाना उचित हो सकता है।  इसके अलावा “डिटॉक्स ड्रिंक”, “हार्मोन बैलेंस टी” या किसी सप्लीमेंट को PCOS का इलाज बताने वाले दावों पर भी आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। 

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PMOS में क्या खाएं और क्या नहीं? - फोटो : AI

PMOS में सिर्फ डाइट ही नहीं है जरूरी

 PMOS को मैनेज करने के लिए डाइट के साथ नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद, तनाव को नियंत्रित करना और स्वस्थ वजन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। हर व्यक्ति में PMOS के लक्षण और जरूरत अलग-अलग हो सकती है, इसलिए डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन से सलाह लेना PMOS फूड्स, PMOS में वजन कम करना, हार्मोन बैलेंस डाइट, PMOS के लक्षण, PMOS मिथक, PMOS से जुड़े बेहतर है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।