नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर मध्यप्रदेश ने एक नया इतिहास रच दिया है। 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत प्रदेश भर में 3.55 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए। वहीं, उज्जैन के पवित्र शिप्रा तट और महाकाल महालोक में एक साथ 33.27 लाख दीये जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया।
इस अद्भुत दृश्य को साकार करने में 25 हजार से अधिक वॉलिंटियर्स और स्थानीय नागरिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- Published: 17 Sep 2026, 09:19 PM IST
- Last Updated: 17 Sep 2026, 09:43 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर पूरा मध्य प्रदेश रोशनी से सराबोर हो उठा। राज्य सरकार और संगठन द्वारा आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत पूरे प्रदेश के 845 आइकॉनिक स्थलों पर एक साथ 3 करोड़ 55 लाख दीये जलाए गए।
इस भव्य आयोजन का मुख्य केंद्र बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन रही, जहां शिप्रा नदी के घाटों और महाकाल महालोक में ऐतिहासिक दीपोत्सव का आयोजन हुआ।
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— Abhishek Yadav (@iabhiy) September 17, 2026
शिप्रा तट पर रचा गया नया विश्व रिकॉर्ड
उज्जैन में शाम 7 बजे सायरन की गूंज के साथ ही दीपोत्सव का शुभारंभ हुआ। शिप्रा नदी के रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट और भूखी माता घाट से लेकर महाकाल महालोक तक एक साथ 33 लाख 27 हजार दीये प्रज्ज्वलित किए गए, जिसने एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। इस अद्भुत दृश्य को साकार करने में 25 हजार से अधिक स्वयंसेवकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दिग्गज नेताओं ने जलाया 'आशीर्वाद का दीया'
उज्जैन के रामघाट पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने सम्मिलित होकर 'आशीर्वाद का दीया' प्रज्ज्वलित किया। इसके पश्चात सभी नेताओं ने मां शिप्रा की भव्य आरती में भाग लिया और प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्ध जीवन की प्रार्थना की।
845 आइकॉनिक स्थलों पर बिखरी रोशनी की छटा
यह राज्यव्यापी दीपोत्सव केवल उज्जैन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश के सभी जिलों के 845 प्रमुख स्थलों पर आयोजित किया गया। बैतूल जिले में सबसे अधिक 144 स्थलों पर दीप जलाए गए, जबकि श्योपुर कला में 80, इंदौर में 32, धार और बड़वानी में 27-27, भोपाल में 21 और ग्वालियर में 11 आइकॉनिक स्थानों पर दीपोत्सव मनाया गया। यह भव्य आयोजन प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र निर्माण और सेवा के 25 वर्षों के कार्यों के प्रति आदर और स्नेह का प्रतीक बना।