Updated On: Jul 24, 2026 | 06:42 PM IST
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सार
NEET Protest: नीट पेपर लीक मामले पर CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ तो संगठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी उठाएगा।

अभिजीत दीपके (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Abhijeet Deepke on Dharmendra Pradhan Resignation: नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्रों का आंदोलन फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट कहा है कि यदि धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाया गया तो उनका संगठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग करेगा।
एक न्यूज चैनल से बातचीत में अभिजीत दीपके ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे में ही सरकार की भलाई है। अगर ऐसा नहीं होता है तो हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी उठाएंगे।”
विपक्ष के समर्थन पर क्या बोले दीपके?
आंदोलन को मिल रहे विपक्षी दलों के समर्थन पर दीपके ने कहा कि छात्रों के मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर समर्थन देने वालों का वह स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं और दलों ने छात्रों की आवाज़ का साथ दिया है, वे उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
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सोनम वांगचुक के फैसले का किया स्वागत
क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने पर अभिजीत दीपके ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि वांगचुक का इस आंदोलन में योगदान और त्याग बेहद महत्वपूर्ण रहा है। दीपके के मुताबिक, उनकी ओर से भी वांगचुक से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन इससे आंदोलन खत्म नहीं होगा।
‘आंदोलन जारी रहेगा’
आंदोलन(NEET Protest) की आगे की रणनीति पर दीपके ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ अब तक हुई बातचीत में उनकी प्रमुख मांगों पर कोई आधिकारिक सहमति नहीं बनी है। दीपके ने कहा, “हम अभी संतुष्ट नहीं हैं। हमारी मांगों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, हमें कल फिर बातचीत के लिए बुलाया गया है।”
सरकार का क्या है रुख?
नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच अब तक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन किसी अंतिम सहमति पर बात नहीं बन सकी है। मीडिया रिपोर्ट्स में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने पर विचार नहीं कर रही है। सरकार का फोकस मंत्री बदलने के बजाय राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी(NTA) और परीक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने पर है।
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खबरों के मुताबिक, सरकार ने एनटीए की खामियों की विस्तृत समीक्षा तैयार कर ली है और जल्द ही सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े कई गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहने का भी दावा किया गया है।
