Published: Friday, September 18, 2026, 16:28 [IST]
CJP Fix Adivasi Schools Campaign: राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर के जन्मदिन के मौके पर स्कूलों और कॉलेजों में 'आशीर्वाद का दीया' जलाने का कार्यक्रम शुरू किया गया। सरकार की ओर से इस पहल को एक महीने तक जारी रखने की बात कही गई है। इसी के बीच CJP ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर अपना नया अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।
संगठन अब खास तौर पर आदिवासी बहुल इलाकों के स्कूलों का दौरा करेगा और वहां की जमीनी स्थिति को रिकॉर्ड करेगा। 'आदिवासी स्कूल ठीक करो कैंपेन' की शुरुआत शुक्रवार से उदयपुर संभाग से होगी। CJP का कहना है कि टीम स्कूलों की बिल्डिंग से लेकर जरूरी सुविधाओं तक की स्थिति देखेगी और सामने आने वाली समस्याओं का डॉक्यूमेंटेशन करेगी। इसके बाद इस अभियान को राजस्थान से बाहर दूसरे आदिवासी इलाकों तक ले जाने की तैयारी है।
'आशीर्वाद का दीया' जलाकर उठाया स्कूलों का मुद्दा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को CJP की ओर से भी एक सरकारी स्कूल में 'आशीर्वाद का दीया' जलाया गया था। CJP से जुड़े अभिजीत दिपके ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो में उन्होंने कहा, "हेलो मोदी जी, आपका बर्थडे, आपने कहा था कि हर जगह दिया लगाएं... तो यह सरकारी स्कूल है, सरकारी स्कूल में हमने दिया लगाया है।"
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इसके बाद स्कूल की बिल्डिंग की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "यह स्कूल बिल्डिंग जो है, हम आपको गिफ्ट करते हैं। यह आपकी बहुत अच्छी अचीवमेंट है, यह हम आपको गिफ्ट करना चाहते हैं आज, आपके बर्थडे पर।" CJP के नेशनल कन्वीनर आशुतोष रांका ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "अगले एक महीने देश के हर स्कूल में दिया जलेगा। क्या पता इसी बहाने सरकार इन स्कूलों की सुध लेले!"
आदिवासी स्कूलों के लिए नया कैंपेन
अब CJP ने अपने 'स्कूल ठीक करो कैंपेन' के दूसरे फेज में 'आदिवासी स्कूल ठीक करो कैंपेन' शुरू किया है। आशुतोष रांका ने जयपुर स्थित पीयूसीएल ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से उदयपुर संभाग के आदिवासी इलाकों में टीमों का दौरा शुरू होगा। उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, झालावाड़, सिरोही और बारां-अंता समेत आदिवासी आबादी वाले इलाकों के स्कूलों को अभियान में शामिल किया जाएगा। रांका ने कहा, "अभियान के तहत स्कूलों की स्थिति का डॉक्यूमेंटेशन किया जाएगा। इसके बाद इसे देश के दूसरे आदिवासी इलाकों तक ले जाने की योजना है।"
CJP के मुताबिक आगे गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और नॉर्थ ईस्ट के आदिवासी इलाकों में भी अभियान ले जाने की तैयारी है।
स्कूलों की जमीनी स्थिति होगी रिकॉर्ड
CJP के मुताबिक टीम स्कूलों में जाकर वहां की वास्तविक स्थिति देखेगी। इसमें स्कूल भवन, बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाएं और पढ़ाई के माहौल जैसी चीजों की जानकारी जुटाई जाएगी। संगठन का कहना है कि आदिवासी इलाकों में स्कूलों के साथ अस्पताल, सड़क और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी सामने लाना जरूरी है। टीमों के दौरे के दौरान मिली जानकारी को डॉक्यूमेंट किया जाएगा।
15 हजार से ज्यादा स्कूलों का ऑडिट
आशुतोष रांका के मुताबिक CJP ने करीब एक महीने पहले 'स्कूल ठीक करो कैंपेन' शुरू किया था। उनके अनुसार अब तक देशभर में 15 हजार से ज्यादा स्कूलों का ऑडिट किया जा चुका है। राजस्थान में 500 से ज्यादा स्कूलों की ऑडिटिंग किए जाने का दावा भी CJP की ओर से किया गया है। अब अभियान का फोकस आदिवासी आबादी वाले क्षेत्रों पर रहेगा।
तीन साल के रोडमैप पर नजर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजस्थान सरकार की ओर से अगले तीन साल में जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए तैयार किए गए रोडमैप का भी जिक्र हुआ। शुतोष रांका ने कहा, "हम इस रोडमैप पर पूरी नजर रखेंगे और स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर कोई चूक नहीं होने देंगे।" CJP का कहना है कि संगठन सरकारी स्कूलों की मरम्मत और वहां की व्यवस्थाओं को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे काम पर नजर रखेगा।
झालावाड़ स्कूल हादसे का जिक्र
रांका ने झालावाड़ में जुलाई 2025 में स्कूल की इमारत गिरने की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी हादसे का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "स्कूलों में हादसा होने का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। बच्चों के लिए सुरक्षित इमारत और जरूरी सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराना जरूरी है।"
रांका ने दावा किया कि झालावाड़ में स्कूल की इमारत गिरने के बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उनके मुताबिक वहां बच्चे जर्जर इमारत और खुले में पढ़ने को मजबूर हैं।
रामपुरा स्कूल मामले के बाद उठा था सवाल
इससे पहले जयपुर के चौमू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा में सरकारी स्कूल को लेकर CJP का अभियान चर्चा में आया था। स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची CJP टीम पर कथित हमले का मामला सामने आया था। CJP की ओर से दावा किया गया था कि स्कूल की हालत खराब थी और वहां गाय-भैंसों का तबेला चल रहा था। मामले के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जर्जर स्कूल भवन को हटाकर नया भवन बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद आशुतोष रांका ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया था।
ग्रामीणों को भी अभियान से जोड़ेगी CJP
CJP ने कहा है कि स्कूलों से जुड़े मुद्दों को उठाने में स्थानीय ग्रामीणों को भी साथ लिया जाएगा। रांका के मुताबिक गांव वालों के साथ मिलकर स्कूल और कॉलेजों से जुड़े मामलों को सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा, "जब तक स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं होगा, तब तक लोग चुप नहीं बैठेंगे।"
राजनीति में आने पर क्या बोले रांका?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष रांका से CJP के भविष्य में राजनीति में उतरने को लेकर भी सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई विचार नहीं है। रांका ने कहा, "फिलहाल हमारा फोकस स्कूल और कॉलेजों को ठीक करने पर है।"
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे उठाने वाली राजनीतिक पार्टियों का भी जिक्र किया। रांका ने कहा कि आम आदमी पार्टी समेत कई पार्टियां समय-समय पर शिक्षा और अस्पतालों से जुड़े मुद्दे उठाती रही हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी अब भी सवाल बनी हुई है। उन्होंने कहा, "आजादी के करीब 80 साल बाद भी देश के सबसे बड़े राज्य की राजधानी में बच्चों के भैंसों के तबेले में पढ़ने को मजबूर होने जैसी स्थिति पर सवाल उठना चाहिए।"
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