Published: Saturday, August 15, 2026, 9:47 [IST]
PM Modi Viksit Bharat Vision: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से सिर्फ उपलब्धियां नहीं गिनाईं, बल्कि अगले 5 साल के लिए भारत की दिशा भी साफ कर दी। भाषण में एक तरफ पिछले 12 साल की रफ्तार का हिसाब था, तो दूसरी तरफ 2047 तक विकसित भारत बनाने का बड़ा लक्ष्य। पीएम मोदी ने कहा कि बड़े सपनों के साथ बड़े संकल्प जरूरी हैं। यही सोच भारत को नई ऊंचाई तक ले जाएगी। पीएम मोदी ने बताया कि कैसे देश के गरीब, वंचित, दलित, युवा और महिलाओं ने मिलकर भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
पीएम मोदी ने देश के आने वाले 5 सालों के विकास के लिए 7 मुख्य सेक्टर तय किए हैं। उन्होंने इसे 'सप्त धारा' का नाम दिया है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति-शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन-ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर शामिल हैं।
सुरक्षा के मोर्चे पर पीएम मोदी ने साफ कहा, "देश को अब ड्रोन, काउंटर ड्रोन सिस्टम और हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी में दुनिया की अगुवाई करनी होगी। साइबर सुरक्षा अब हर घर की जरूरत है और इसमें हमारे युवाओं के सामर्थ्य का इस्तेमाल होगा।"
उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक दौर में सेमीकंडक्टर, एआई और डेटा सेंटर के लिए भारी मात्रा में ऊर्जा चाहिए। इसलिए सरकार ने क्रिटिकल मिनिरल्स कॉरिडोर और समुद्र में नए संसाधनों की खोज के लिए 'ग्रो अहेड एरिया' नीति पर काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा,फास्ट ब्रीडर परमाणु प्रौद्योगिकी में महारत हासिल कर भारत ने परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है।
अगले 5 साल के लिए PM मोदी ने गिनाईं 'सप्त धाराएं'
पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे की रणनीति के लिए सात बड़े क्षेत्र बताए। इसे उन्होंने 'शक्ति की सप्त धारा' कहा। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति-शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर शामिल हैं।
यानी अगले चरण में भारत की रणनीति एक साथ कई मोर्चों पर आगे बढ़ने की है। उत्पादन से लेकर टेक्नोलॉजी और रक्षा से लेकर पर्यावरण तक, हर सेक्टर को विकास की कड़ी से जोड़ने का रोडमैप सामने रखा गया।
डिफेंस से मोबाइल तक, 12 साल में कितनी बदली तस्वीर?
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कई सेक्टर के आंकड़े रखे। उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में डिफेंस प्रोडक्शन करीब चार गुना हुआ है। खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब पांच गुना बढ़ा। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब सात गुना तक पहुंची। रेलवे के आधुनिक कोच का निर्माण करीब 21 गुना बढ़ने की बात पीएम ने कही। मोबाइल फोन प्रोडक्शन में भी करीब 33 गुना बढ़ोतरी का दावा किया। यानी सरकार का फोकस अब सिर्फ सामान खरीदने पर नहीं, बल्कि देश में उत्पादन बढ़ाने पर भी है।
पीएम मोदी ने डिजिटल सेक्टर को भी भारत की नई ताकत बताया। उनके मुताबिक इंटरनेट यूजर्स की संख्या करीब चार गुना बढ़ी है। पेटेंट ग्रांट भी चार गुना हुए हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन में करीब 100 गुना उछाल आया है। यानी बदलाव सिर्फ फैक्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है। टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और डिजिटल पेमेंट ने भी भारत की अर्थव्यवस्था और आम जिंदगी को तेजी से बदला है।
नल, गैस और घर तक पहुंची तेज रफ्तार
पीएम मोदी ने आम लोगों से जुड़ी सुविधाओं का भी हिसाब दिया। उन्होंने कहा कि हर साल नल से जल कनेक्शन देने की रफ्तार करीब 15 गुना बढ़ी। गैस कनेक्शन देने की गति करीब छह गुना हुई। गरीबों के लिए शौचालय बनाने का काम चार गुना और घर देने की रफ्तार करीब तीन गुना बढ़ी।
गवर्नेंस में बदलाव का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि सैकड़ों पुराने कानून हटाए गए हैं। उनका तर्क था कि पिछली सदी के कानूनों के सहारे 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा नहीं किया जा सकता। मेट्रो और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को भी उन्होंने इसी बदलाव से जोड़ा।
ड्रोन से हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी तक, रक्षा पर बड़ा फोकस
पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम में अपनी क्षमता बढ़ानी होगी। हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी में भी देश को लीडर बनना होगा। साइबर सिक्योरिटी को उन्होंने घर-घर से जुड़ा मुद्दा बताया। पीएम के मुताबिक इस क्षेत्र में युवाओं की क्षमता का इस्तेमाल भारत के साथ दुनिया की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है।
सेमीकंडक्टर से क्रिटिकल मिनरल्स तक, असली लड़ाई आत्मनिर्भरता की
पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स को भविष्य की टेक्नोलॉजी से जोड़ा। उन्होंने कहा कि चिप, AI और डेटा सेंटर के लिए बड़ी मात्रा में बिजली चाहिए। इसलिए एनर्जी सिक्योरिटी अब सिर्फ ऊर्जा का मुद्दा नहीं, बल्कि भविष्य की टेक्नोलॉजी का आधार है।
उन्होंने बताया कि भारत ने क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर की दिशा में कदम बढ़ाया है और कई देशों के साथ समझौते किए जा रहे हैं। सेमीकंडक्टर सेक्टर में तीन प्लांट शुरू होने और आने वाले वर्षों में और प्लांट लगाने की योजना का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, "देश को संसाधनों की कमी हमेशा नहीं रोकती। कई बार सोच की सीमा हमें आगे बढ़ने से रोकती है। जब सोच की सीमा टूटती है, तभी देश अपने सामर्थ्य को पहचान पाता है।"
न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी से समुद्र के संसाधनों तक, नई ऊर्जा पर दांव
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने इस साल फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में एक अहम पड़ाव पार किया है। उनके मुताबिक इससे परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत को मजबूती मिलेगी। उन्होंने समुद्र के भीतर संसाधनों की खोज का भी जिक्र किया। पीएम ने बताया कि समुद्री क्षेत्र में नए भंडार तलाशने की दिशा में काम हो रहा है। इसके लिए पिछले साल घोषित पहल के तहत 85 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किए जाने की बात भी उन्होंने कही।
सोलर से रेलवे तक, PM मोदी ने बताई काम की रफ्तार
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में 50 लाख घरों का सोलर एनर्जी आंकड़ा पार हो चुका है। उन्होंने कहा कि इससे हजारों घरों का बिजली बिल शून्य हुआ है। कुछ परिवार अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर रहे हैं। सरकार की तरफ से हर परिवार को इस योजना में करीब 80 हजार रुपये तक की मदद दिए जाने की बात उन्होंने कही। रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन का उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि 1925 से शुरू हुई इस प्रक्रिया में 90 साल में करीब 30 फीसदी रेल नेटवर्क ही इलेक्ट्रिफाइड हुआ था। उनके मुताबिक पिछले करीब एक दशक में रेलवे के इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा कर लिया गया।
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश के करीब 70 शहरों में पाइप से गैस पहुंचती थी। अब यह सुविधा करीब 700 शहरों तक पहुंच चुकी है। घरों की संख्या भी करीब 20-22 लाख से बढ़कर पौने दो करोड़ तक पहुंचने का दावा उन्होंने किया। सोलर एनर्जी की क्षमता का आंकड़ा रखते हुए पीएम ने कहा कि करीब 12 साल पहले देश में इसकी क्षमता सिर्फ 2 गीगावाट थी। अब यह करीब 160 गीगावाट हो गई है।
40 देशों से FTA, दुनिया तक पहुंचेगा भारतीय सामान
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एंग्रीमेंट यानी FTA पर काम कर रहा है। मकसद साफ है। भारतीय कारोबार और एक्सपोर्ट को नई मार्केट मिले। पीएम ने कहा कि दुनिया के हर हिस्से में भारतीय सामान पहुंचाने के लिए क्वालिटी बेहतर करनी होगी और कीमतों को भी काबू में रखना होगा।
कुल मिलाकर लाल किले से पीएम मोदी का भाषण दो हिस्सों में बंटा नजर आया। पहला हिस्सा पिछले 12 साल की रफ्तार का हिसाब था। दूसरा हिस्सा अगले पांच साल की दिशा। मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, डिफेंस, एनर्जी, ग्रीन इकोनॉमी और एक्सपोर्ट पर जोर बताता है कि सरकार भारत को सिर्फ तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और उत्पादन की बड़ी ताकत बनाने पर फोकस कर रही है।