दो बार PhD... 51 साल के सुरेश कुमार सरकारी मेडिकल कॉलेज से अब MBBS करेंगे,जानें उनका NEET स्कोर

Published on 15 अग॰ 2026

दो बार PhD... 51 साल के सुरेश कुमार सरकारी मेडिकल कॉलेज से अब MBBS करेंगे,  जानें उनका NEET स्कोर

सुरेश कुमार सरकारी मेडिकल कॉलेज से करेंगे MBBS.

उम्र को सिर्फ एक नंबर मानकर अपने अधूरे सपने को पूरा करने की मिसाल तमिलनाडु के 51 वर्षीय ए. सुरेश कुमार ने पेश की है. दो पीएचडी और एमबीए जैसी डिग्रियां हासिल करने के बाद भी उनके मन में डॉक्टर बनने की इच्छा बनी रही. नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने NEET UG की तैयारी की और परीक्षा पास कर ली. अब उन्हें नागपट्टिनम के सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS में एडमिशन मिला है. खास बात यह है कि उन्होंने 720 में से 192 अंक हासिल किए हैं. एक हादसे के बाद दिव्यांगता की श्रेणी में आने के कारण उन्हें विशेष कोटे के तहत सीट मिली है.

12वीं के बाद नहीं कर पाए MBBS

सुरेश कुमार ने 1992 में 12वीं पास की थी. उनकी इच्छा मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने की थी, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उस समय MBBS की पढ़ाई नहीं कर सके. उन्होंने फार्मेसी से करियर की शुरुआत की और आगे BBA, MBA के साथ दो PhD की डिग्रियां हासिल कीं. बाद में उन्होंने डायग्नोस्टिक्स सेक्टर में वरिष्ठ पद पर काम किया.

नौकरी के साथ रात में करते थे पढ़ाई

जब NEET UG में ऊपरी एज लिमिट हटाई गई तो सुरेश कुमार ने अपने पुराने सपने को फिर से पूरा करने का फैसला किया. उन्होंने फुल टाइम नौकरी के साथ NEET की तैयारी शुरू की. दिनभर काम करने के बाद वो रात 10 से 12 बजे तक पढ़ाई करते थे. वह अपने बेटे को भी बायोलॉजी पढ़ाते थे, जिससे उनकी खुद की तैयारी भी मजबूत होती रही. उनकी पत्नी ने भी उनके पढ़ाई के रूटीन में काफी मदद की.

192 अंक से मिला MBBS में एडमिशन

NEET UG में सुरेश कुमार ने 720 में से 192 अंक प्राप्त किए. सड़क हादसे के कारण दिव्यांगता की श्रेणी में आने पर उन्हें विशेष कोटे के तहत नागपट्टिनम सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट मिली. अब वह अपने से काफी कम उम्र के छात्रों के साथ मेडिकल की पढ़ाई करेंगे. सुरेश कुमार का मानना है कि सीखने और सपने पूरे करने की कोई उम्र नहीं होती. MBBS पूरा करने के बाद वह जरूरतमंद लोगों का इलाज करना चाहते हैं और दूरदराज के इलाकों में भी सेवाएं देने के इच्छुक हैं.

सपना यादव

सपना यादव

दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्‍यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्‍होंने पत्रकारिता को लक्ष्‍य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्‍यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्‍होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.

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