बाढ़ अनुमंडल के हाथीदह थाना की पुलिस ने लोन के नाम पर बैंक के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने बिहार और झारखंड के विभिन्न इलाकों से पांच ट्रकों का पता लगाया है। इनमें से तीन ट्रकों को जब्त कर लिया गया है, जबकि दो अन्य ट्रक पहले से दूसरे मामले में जब्त हैं।
2.87 करोड़ का लोन, लेकिन किश्त नहीं आई
मिली जानकारी के अनुसार, हाथीदह स्थित बैंक ने वर्ष 2025 में स्थानीय थाने में मामला दर्ज कराया था। बैंक का आरोप था कि लखीसराय निवासी गोपाल सिंह को लोन पर छह ट्रक दिए गए थे। बैंक ने ट्रक एजेंसी को कुल 2 करोड़ 87 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। हालांकि, काफी समय बीत जाने के बाद भी जब लोन की कोई किश्त जमा नहीं हुई तो बैंक ने गोपाल सिंह से संपर्क किया।
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'मुझे तो ट्रक मिले ही नहीं'
बैंक के अनुसार, किश्त की मांग किए जाने पर गोपाल सिंह ने कहा कि उसे अब तक कोई ट्रक प्राप्त नहीं हुआ है। इसके बाद बैंक ने ट्रक एजेंसी से पूछताछ की। एजेंसी ने बताया कि गोपाल सिंह पांच ट्रक ले चुका था, जबकि एक ट्रक लेना बाकी था। गोपाल सिंह लखीसराय जिले के वलीपुर का निवासी है और बेगूसराय स्थित एक ट्रक एजेंसी में उसकी अच्छी साख थी। इसी भरोसे पर एजेंसी ने बिना रिसीविंग लिए ही उसे पांच ट्रक सौंप दिए। गोपाल सिंह ने भरोसा दिया था कि छठा ट्रक लेने के बाद वह सभी ट्रकों की रिसीविंग एक साथ दे देगा, लेकिन वह दोबारा ट्रक लेने नहीं पहुंचा।
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एफआईआर के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
इस बीच, बैंक द्वारा किश्त जमा नहीं होने पर हाथीदह थाने में कांड संख्या 45/25 दर्ज कराया गया, जिसमें गोपाल सिंह को आरोपी बनाया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।
बिहार-झारखंड से ट्रकों की बरामदगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ-1 रामकृष्ण के निर्देश पर हाथीदह थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने झारखंड के धनबाद से दो, दुमका जिले के जामा से दो और बिहार के खगड़िया से एक ट्रक का पता लगाया। इनमें से तीन ट्रकों को जब्त कर हाथीदह थाना लाया गया है। वहीं, जामा थाना में पहले से अन्य मामले में जब्त दो ट्रकों को लाने की प्रक्रिया जारी है।
आरोपी ने करा ली अग्रिम जमानत
इधर, पुलिस जांच की भनक लगते ही गोपाल सिंह ने अग्रिम जमानत ले ली। फिलहाल वह बाहर है और पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।
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बैंक और एजेंसी की भूमिका भी जांच के घेरे में
हाथीदह थाना पुलिस अब इस पूरे घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में लगी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित धोखाधड़ी में एजेंसी या बैंक के किन-किन लोगों की संलिप्तता रही है। जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि गोपाल सिंह को पटना जिले के हाथीदह स्थित बैंक शाखा से ट्रक लोन कैसे स्वीकृत हुआ। आमतौर पर बैंक दूसरे जिले के आवेदकों को संबंधित जिले की शाखा से लोन लेने की सलाह देते हैं। इसके अलावा एजेंसी द्वारा बिना रिसीविंग के पांच ट्रक सौंपना भी जांच के दायरे में है।