Parenting Tips: बच्चा हर वक्त स्क्रीन पर रहता है? व्यवहार में आए ये बदलाव तो हो जाएं सावधान - Haribhoomi

Published on 12 सित॰ 2026

Parenting Tips: आज के समय में मोबाइल, टीवी और टैबलेट बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं। लेकिन स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने का असर उनकी आंखों या नींद पर ही नहीं, बल्कि उनके व्यवहार पर भी पड़ सकता है।

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बच्चों का ज्यादा स्क्रीन टाइम बदल सकता है व्यवहार(AI generated)

  • Published: 12 Sep 2026, 12:39 PM IST
  • Last Updated: 12 Sep 2026, 12:39 PM IST

Screen Time Effects on Children: आजकल मोबाइल, टीवी और टैबलेट बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। कार्टून से लेकर गेम और पढ़ाई तक, स्क्रीन के सामने बिताया समय कब जरूरत से ज्यादा हो जाता है, पता ही नहीं चलता।

लेकिन ज्यादा स्क्रीन टाइम का असर बच्चे के मूड, नींद और ध्यान पर भी नजर आ सकता है। अगर आपका बच्चा भी हर समय स्क्रीन मांगता है, तो इन बदलावों पर जरूर दें ध्यान।

1. छोटी-छोटी बात पर चिड़चिड़ापन
अगर बच्चा स्क्रीन बंद करने पर बार-बार गुस्सा करता है, जिद करता है या बहुत चिड़चिड़ा हो जाता है, तो उसके स्क्रीन इस्तेमाल की आदत पर ध्यान देना जरूरी है। ज्यादा स्क्रीन के इस्तेमाल से बच्चों के टैंट्रम या भावनात्मक व्यवहार बदल सकता है।

2. पढ़ाई में ध्यान लगाने में परेशानी
लगातार मोबाइल या दूसरे स्क्रीन डिवाइस में व्यस्त रहने से बच्चे का ध्यान दूसरी गतिविधियों में लगाने में परेशानी हो सकती है। ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करने वाले बच्चों में पढ़ाई के दौरान ध्यान न लगा पाने की परेशानी सामने आती है।

3. नींद का बिगड़ना
खासकर रात में मोबाइल चलाने की आदत बच्चों की नींद के समय को प्रभावित कर सकती है। स्क्रीन की वजह से बच्चा देर तक जागता रहे या सोने का समय लगातार बदलता रहे, तो उसकी दिनचर्या पर असर पड़ सकता है।

बच्चे का स्क्रीन टाइम कैसे करें बैलेंस?
बच्चे का स्क्रीन टाइम कैसे करें बैलेंस?

4. हर समय मोबाइल की मांग करना
अगर बच्चा बार-बार फोन मांगता है और डिवाइस न मिलने पर बेचैन या परेशान होने लगता है, तो यह उसकी स्क्रीन आदत पर ध्यान देने का संकेत हो सकता है। 

5. परिवार के साथ समय कम करना
स्क्रीन में ज्यादा व्यस्त रहने से बच्चों का परिवार के साथ बातचीत, खेलकूद और दूसरी गतिविधियों में समय कम हो सकता है। इसलिए सिर्फ स्क्रीन के घंटे गिनने के बजाय यह देखना भी जरूरी है कि उसकी वजह से बच्चे की बाकी दिनचर्या तो प्रभावित नहीं हो रही।

बच्चे का स्क्रीन टाइम कैसे करें बैलेंस?
बच्चे से अचानक मोबाइल या टीवी पूरी तरह छीनने के बजाय धीरे-धीरे एक तय रूटीन बनाना बेहतर तरीका हो सकता है। खाना खाते समय और सोने से पहले स्क्रीन से दूरी रखने, रोज कुछ समय आउटडोर गेम्स, पढ़ने या परिवार के साथ बातचीत के लिए तय करने से स्क्रीन की आदत को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।

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