Pakistan: बलूचियों का शिकार करने चली पाक फौज खुद बनी शिकार, 45 सैनिकों की मौत, मस्तुंग में उड़ाया काफिला

Published on 17 जुल॰ 2026

Time Updated: Friday, July 17, 2026, 18:01 [IST]

Pak Army Soldiers Killed: पाकिस्तान आर्मी को इस बार ऐसी मार पड़ी है कि वे कराह भी नहीं सकते। और तो और अपनी खबर को दबाने में लगे हैं। ये मार उन्हें बलूचिस्तानियों की तरफ से दी गई है जिसमें अब आसिम मुनीर अपनी फौज की इज्जत बचाने के लिए छुप रहे हैं। दरअसल बलूचिस्तान के मस्तुंग के पास एक सुरक्षा काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले में गुरुवार को 45 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई।

इसकी जानकारी बलूचिस्तान से चलने वाले एक मीडिया अकाउंट 'Balochistan' ने दी है। जिसमें बताया गया कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 45 सैनिकों को मारने वाले इस हमले की जिम्मेदारी ली है। दो हफ्ते से भी कम समय में बलूचिस्तान में सुरकाकर्मियों पर यह तीसरा बड़ा हमला है। पाकिस्तान सेना ने इस हमले की पुषिट तो की है, लेकिन अभी तक ऑफिशियल डेथ टोल का खुलासा नहीं किया है।

Pak Army Soldiers Killed

कैसे बनाया पाक फौज को निशाना?

बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने मीडिया को जारी एक बयान में कहा कि उनके लड़ाकों ने सुरक्षा काफिले, उसकी एस्कॉर्ट टीम और हमले के बाद पहुंचे मिलिट्री रिएनफोर्समेंट को निशाना बनाया। प्रवक्ता के मुताबिक, इस हमले को समूह के फतेह स्क्वाड ने अंजाम दिया और इसे एक कॉर्डिनेटेड शन बताया। बयान जारी होने के समय बीएलए उग्रवादियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच लड़ाई जारी थी, और हालात के मुताबिक हताहतों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई गई थी।

27 पुलिस वालों की मौत

बलूचिस्तान में बढ़ते उग्रवादी हमलों के बीच पाकिस्तान सेना ने इसी हफ्ते 'ऑपरेशन शाबान' शुरू किया है। इससे पहले जियारत जिले के मंगी डैम इलाके में 27 पुलिस अधिकारियों और लासबेला में 11 पाकिस्तानी सैनिकों की जान चली गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऑपरेशन सेना, फ्रंटियर कोर और बलूचिस्तान पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है।

पाकिस्तानी मीडिया क्या कह रहा?

दूसरी तरफ पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, एक चार सदस्यों वाले कमेटी का गठन किया गया है जिसे घटनाओं को समझने, फेल होने की वजह जानने और मौजूदा सिक्योरिटी को दुरुस्त करने का काम सौंपा गया है। हालांकि पाक का मैनस्ट्रीम मीडिया डेथ टोल पर कुछ भी बोलने से बच रहा है।

लगातार हमलों का शिकार बन रही पाक फौज

इससे पहले 6 से 9 जुलाई के बीच तीन बड़े हमले हुए थे, जिनमें से एक बीएलए और दो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) द्वारा किए गए थे। 7 जुलाई को टीटीपी के हमले के बाद एक बंधक संकट खड़ा हो गया था, जब उग्रवादियों ने एक चौकी पर कब्जा कर 18 जीवित पुलिसकर्मियों का अपहरण कर लिया और बाद में उन सभी की हत्या कर दी।

इसके बाद 8 जुलाई को लासबेला जिले में एन-25 हाईवे के पास एक सैन्य काफिले पर हमला हुआ। सेना के मुताबिक इसमें 11 सैनिक मारे गए, जबकि बीएलए ने 17 सैनिकों को मारने और हथियार जब्त करने का दावा किया था, जिसे कन्फर्म नहीं किया जा सका।

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