PAK के राइफल, मशीनगन के जखीरे पर तालिबान ने हाथ मारा... अफगानिस्तान ने पलट दिया गेम

Published on 28 सित॰ 2026

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच नूरिस्तान के कामदेश में भीषण संघर्ष हुआ है. अफगान रक्षा मंत्रालय का दावा है कि पाकिस्तान की ओर से आए सशस्त्र समूह के 28 सदस्य मारे गए और 32 को जिंदा पकड़ लिया गया. तालिबान ने इन समूहों में ISIS लड़ाकों की मौजूदगी और पाकिस्तानी समर्थन का भी आरोप लगाया है.

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अफगानिस्तान ने हथियारों का जखीरा जब्त किया है. (Photo: Social media)

अफगानिस्तान ने हथियारों का जखीरा जब्त किया है. (Photo: Social media)

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच की ताजा भिड़ंत में अफगानिस्तान ने सारा गेम बदल दिया है. अमूमन पाकिस्तान अफगानिस्तान पर भारी पड़ता था. लेकिन इस बार नूरिस्तान के कामदेश जिले में हुए संघर्ष में अफगानिस्तान ने 28 ISIS लड़ाकों को मारने का दावा किया है. इसके अलावा इस संघर्ष में 32 ISIS के लड़ाके जख्मी हुए हैं. इन्हें अफगानिस्तान ने अरेस्ट कर लिया है. अफगानिस्तान का दावा है कि इन्हें पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा पार करने के लिए भेजा था.

इसके अलावा अलावा तालिबानी सुरक्षा बलों ने कई सशस्त्र व्यक्तियों से दर्जनों हथियार और गोला-बारूद जब्त कर लिया है.  ये लोग सीमा पार (डूरंड लाइन) से घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे. 

टोलो न्यूज द्वारा साझा किए गए वीडियो में जब्त किए गए हथियारों की बड़ी संख्या दिखाई गई है. वीडियो में कलाश्निकोव राइफलें, मशीन गन, गोला-बारूद के बड़े स्टॉक, मोबाइल फोन, दूरबीन और अन्य सैन्य साजो-सामान दिख रहे हैं. रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई पिछले दिन कामदेश जिले में हुई. 

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अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ISIS और अन्य सशस्त्र समूहों के सदस्य पाकिस्तानी मिलिशिया के समर्थन से सीमा पार कर अफगानिस्तान में अस्थिरता फैलाने आए थे. सुरक्षा बलों ने तुरंत ऑपरेशन शुरू कर दुश्मन की गतिविधियों को कुचल दिया. आधिकारिक बयान के अनुसार, इस मुठभेड़ में 28 सशस्त्र व्यक्ति मारे गए जबकि 32 को जिंदा पकड़ा गया. 

बाकी लोग वापस सीमा पार भाग निकले. रक्षा मंत्रालय का आरोप है कि इनमें से अधिकांश व्यक्ति पूर्व अफगान शासन के सैनिक थे. उन्हें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने विदेश में शरण और ऊंचे वेतन का लालच देकर पाकिस्तान बुलाया था. वहां उन्हें अल्पकालिक सैन्य प्रशिक्षण देकर नूरिस्तान भेजा गया. मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तानी मिलिशिया और दाएश के कुछ सदस्य भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन लड़ाई शुरू होते ही वे भाग गए. 

यह घटना अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच हुई है. दोनों देशों के बीच सुरक्षा मुद्दों पर पहले से ही मतभेद बने हुए हैं. तालिबान सरकार ने क्षेत्रीय देशों से पाकिस्तान की ओर से अस्थिरता फैलाने की कोशिशों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है. जब्त हथियारों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.  इसमें बड़ी संख्या में राइफलें, गोला-बारूद के बॉक्स और अन्य सामान साफ दिख रहे हैं. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऐसे प्रयासों को नाकाम करने के लिए सुरक्षा बल लगातार मुस्तैद हैं. 
 

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