OMG! पहले देर से आने पर डांट, फिर 5 घंटे तक ब्रेक नहीं! बेंगलुरु कर्मचारी ने सुनाई ऑफिस की हैरान करने वाली कहानी

Published on 27 सित॰ 2026

OMG! पहले देर से आने पर डांट, फिर 5 घंटे तक ब्रेक नहीं! बेंगलुरु कर्मचारी ने सुनाई ऑफिस की हैरान करने वाली कहानी

‘टॉक्सिक’ माहौल की कहानीImage Credit source: Getty Images

बेंगलुरु में काम करने वाले एक कर्मचारी ने Reddit पर अपने ऑफिस का ऐसा अनुभव शेयर किया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया. कर्मचारी का दावा है कि ऑफिस देर से पहुंचने के बाद टीम लीडर ने उसे जमकर डांटा और बाद में ऐसी जिम्मेदारी दे दी, जिसकी उसने शायद ही उम्मीद की होगी. उसे अपनी टीम के बाकी कर्मचारियों की अटेंडेंस चेक करने और उनसे फोन पर ऑफिस पहुंचने की पुष्टि करने के लिए कहा गया.

कर्मचारी के मुताबिक, उनके ऑफिस में अटेंडेंस दर्ज करने के लिए एक ग्रुप में मार्कर का इस्तेमाल होता है. कर्मचारी अपनी रोस्टर के हिसाब से ग्रुप में अटेंडेंस लगाते हैं. जिस दिन यह पूरा मामला हुआ, उस दिन कर्मचारी की आंख देर से खुली. उसने बताया कि उसे तब पता चला कि वह लेट हो गया है, जब कैब ड्राइवर ने फोन करके उसे उठाया.

अनोखा टास्क ने Reddit पर मचाया बवाल

इसके बाद वह जल्दी-जल्दी तैयार हुआ और कैब लेकर ऑफिस पहुंच गया. कर्मचारी का कहना है कि उस वक्त उसके दिमाग में अटेंडेंस मार्क करने की बात भी नहीं आई. ऑफिस पहुंचने के बाद टीम लीडर ने उसे फोन किया और देर से आने को लेकर डांट लगाई. कर्मचारी का दावा है कि ऑफिस फ्लोर पर पहुंचने के बाद भी टीम लीडर ने उसके साथ बहस जारी रखी और दूसरे कर्मचारियों के सामने उसे फटकार लगाई. इसके बाद उसे टीम लीडर को फोन करके यह बताने के लिए कहा गया कि वह ऑफिस पहुंच चुका है.

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. कर्मचारी के मुताबिक, उसे रोस्टर देखने और उस दिन ड्यूटी पर आने वाले हर कर्मचारी को फोन करने की जिम्मेदारी भी दे दी गई. उसे सभी से पूछना था कि वे ऑफिस पहुंच चुके हैं या नहीं. अगर कोई कर्मचारी फोन नहीं उठाता, तो उसे अनुपस्थित मान लिया जाता और इसका जिम्मेदार कर्मचारी को ही ठहराया जाता.

Reddit पोस्ट में कर्मचारी ने यह भी दावा किया कि टीम लीडर उसे बार-बार फोन करता था और हर बार करीब पांच मिनट तक डांटता था. उसका कहना है कि कई बार ऐसा तब भी होता था, जब टीम लीडर किसी दूसरे बड़े अधिकारी से बात कर रहा होता था. कर्मचारी ने एक और घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक दिन वह सिर्फ तीन मिनट देर से लॉगिन कर पाया. उसकी वजह यह थी कि पूरी टीम के बीच सिर्फ एक ऑथेंटिकेशन डिवाइस इस्तेमाल हो रहा था. इसके बावजूद उसकी अटेंडेंस में उसे अनुपस्थित कर दिया गया.

उसने आरोप लगाया कि इसके बाद करीब पांच घंटे तक उसे ब्रेक लेने नहीं दिया गया. यहां तक कि जब उसने बाथरूम जाने की अनुमति मांगी, तब भी टीम लीडर ने उस पर कथित तौर पर चिल्लाया. कर्मचारी का कहना है कि यह पहली बार नहीं था. उसके मुताबिक, टीम लीडर पहले भी उसके वजन को लेकर टिप्पणी कर चुका है. उसने यह भी आरोप लगाया कि ब्रेक लेने के मामले में उससे पुश-अप्स करने को कहा गया और जब वह अपने ही राज्य के एक सहकर्मी से क्षेत्रीय भाषा में बात करता था, तो टीम के कुछ दूसरे लोग उसका मजाक उड़ाते और उसे परेशान करते थे.

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अपनी पोस्ट के आखिर में कर्मचारी ने पूरी स्थिति को एक लाइन में बताया कि खुद की अटेंडेंस कन्फर्म नहीं करने की वजह से अब उसे पूरी टीम की अटेंडेंस कन्फर्म करने के लिए फोन करने पड़ रहे हैं. पोस्ट पर कई Reddit यूजर्स ने कर्मचारी को नौकरी बदलने की सलाह दी.

यहां देखिए पोस्ट

Got chewed out, breaks held and publicly humiliated…for not confirming attendance. by u/Corporate_Lurker in IndianWorkplace

आयुष कुमार

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं. अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.

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