NFC Technology: देश में डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ रहा है. आज चाय की छोटी दुकान से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक ज्यादातर लोग UPI के जरिए भुगतान करना पसंद करते हैं. इसी बढ़ती जरूरत को देखते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) एक नया और आसान पेमेंट फीचर लाने की तैयारी कर रहा है. इस नए फीचर का नाम 'Tap to Pay' है. इसकी मदद से लोग बिना इंटरनेट के भी UPI पेमेंट कर सकेंगे. इतना ही नहीं, कई मामलों में QR कोड स्कैन करने और बार-बार पिन डालने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. यह सुविधा डिजिटल भुगतान को पहले से ज्यादा तेज और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.
क्या है 'Tap to Pay' फीचर?
'Tap to Pay' एक नई डिजिटल पेमेंट सुविधा है, जिसमें ग्राहक को भुगतान करने के लिए QR कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होगी. अगर आपके फोन में यह सुविधा उपलब्ध है, तो आपको केवल अपने मोबाइल को दुकानदार की NFC सपोर्ट वाली POS मशीन के पास ले जाकर हल्का-सा टैप करना होगा. इसके बाद कुछ ही सेकंड में पेमेंट पूरा हो जाएगा. इस तकनीक का उद्देश्य भुगतान की प्रक्रिया को तेज, आसान और सुविधाजनक बनाना है, खासकर उन जगहों पर जहां इंटरनेट की समस्या रहती है.
NFC तकनीक कैसे करती है काम?
इस नए सिस्टम का आधार **NFC (Near Field Communication)** तकनीक है. NFC एक ऐसी वायरलेस तकनीक है, जिसके जरिए दो डिवाइस बहुत कम दूरी पर आने पर आपस में सुरक्षित तरीके से डेटा का आदान-प्रदान कर सकते हैं.
अगर आपके स्मार्टफोन में NFC का सपोर्ट है और दुकानदार की POS मशीन भी NFC सक्षम है, तो दोनों डिवाइस एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं. इसके बाद भुगतान की प्रक्रिया तुरंत पूरी हो जाती है. इसमें किसी तरह की केबल या इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं होती.
UPI Lite वॉलेट होगा जरूरी
इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए केवल NFC वाला फोन होना ही काफी नहीं है. आपके मोबाइल में **UPI Lite वॉलेट** भी सक्रिय होना चाहिए और उसमें पहले से कुछ रकम जमा होनी चाहिए.
जब आप UPI Lite वॉलेट में पैसे जोड़ते हैं, तब इंटरनेट की जरूरत होती है. लेकिन एक बार पैसा वॉलेट में आ जाने के बाद, उसी बैलेंस से ऑफलाइन भुगतान किया जा सकता है. यानी खरीदारी के समय इंटरनेट न होने पर भी आपका पेमेंट नहीं रुकेगा.
बिना इंटरनेट और बिना पिन के होगा भुगतान
इस नए फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भुगतान करते समय मोबाइल में इंटरनेट चालू होना जरूरी नहीं होगा.
जब ग्राहक दुकानदार की POS मशीन पर फोन टैप करेगा, तो UPI Lite वॉलेट में पहले से मौजूद अधिकृत राशि के आधार पर पेमेंट पूरा हो जाएगा. बाद में जब मोबाइल या POS मशीन दोबारा इंटरनेट से जुड़ेगी, तब ट्रांजैक्शन की जानकारी अपने आप बैंक के सिस्टम में अपडेट हो जाएगी.
इस प्रक्रिया में कई छोटे भुगतान के लिए पिन डालने की जरूरत भी नहीं होगी, जिससे पेमेंट पहले से ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा.
सुरक्षा का भी रखा गया है पूरा ध्यान
ऑफलाइन पेमेंट को सुरक्षित बनाने के लिए इसमें लेनदेन की सीमा तय की गई है. इस सुविधा के जरिए एक बार में अधिकतम **2,000 रुपये** तक का भुगतान किया जा सकेगा.
यह सीमा इसलिए रखी गई है ताकि अगर किसी का फोन खो जाए या गलत हाथों में चला जाए, तो बड़ा आर्थिक नुकसान न हो. इसके अलावा UPI Lite और NFC तकनीक में कई सुरक्षा उपाय भी शामिल किए गए हैं, जिससे लेनदेन सुरक्षित बना रहे.
किन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
यह नया फीचर उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा, जो ऐसे इलाकों में रहते हैं जहां इंटरनेट की स्पीड कम रहती है या मोबाइल नेटवर्क बार-बार गायब हो जाता है.
ग्रामीण क्षेत्रों, पहाड़ी इलाकों और दूर-दराज के गांवों में अक्सर ऑनलाइन पेमेंट करने में परेशानी आती है. वहीं मेट्रो स्टेशन, अंडरग्राउंड पार्किंग, बेसमेंट, सुरंगों और ऐसी जगहों पर भी नेटवर्क नहीं मिलता, जहां डिजिटल भुगतान करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे स्थानों पर 'Tap to Pay' लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.
डिजिटल इंडिया को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार और NPCI लगातार डिजिटल भुगतान को आसान और सुरक्षित बनाने पर काम कर रहे हैं. 'Tap to Pay' फीचर इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
इस नई सुविधा से न केवल भुगतान का समय कम होगा, बल्कि इंटरनेट पर निर्भरता भी घटेगी. इससे ज्यादा लोग डिजिटल पेमेंट अपनाने के लिए प्रेरित होंगे और देश में कैशलेस अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी. आने वाले समय में यह तकनीक रोजमर्रा की खरीदारी को पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और सुविधाजनक बना सकती है.
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