न कोचिंग, न फुल-टाइम पढ़ाई! एयरफोर्स की स्क्वाड्रन लीडर ने NEET PG में गाड़ा झंडा, 8 नंबर से छुट्टा AIR 1

Published on 27 सित॰ 2026

Time Updated: Sunday, September 27, 2026, 11:16 [IST]

Dr. Pallakshi Prasad NEET PG AIR 2: NEET PG 2026 का रिजल्ट आने के बाद एक ऐसी सफलता सामने आई है, जिसने मेडिकल छात्रों के साथ-साथ नौकरीपेशा उम्मीदवारों का भी ध्यान खींचा है। भारतीय वायु सेना की स्क्वाड्रन लीडर और डॉक्टर डॉ. पल्लाक्षी प्रसाद ने इस परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 2 (AIR 2) हासिल की है।

खास बात यह है कि उन्होंने यह रैंक किसी कोचिंग या सिर्फ पढ़ाई के लिए पूरा समय देकर नहीं, बल्कि अपनी सैन्य और मेडिकल ड्यूटी निभाते हुए हासिल की। डॉ. पल्लाक्षी इस समय एयर फोर्स स्टेशन कानपुर में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर काम कर रही हैं।

Dr Pallakshi Prasad NEET PG AIR 2
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उन्होंने NEET PG 2026 में 720 में से 633 अंक हासिल किए। टॉपर मोनिष से उनके अंक का अंतर सिर्फ 8 नंबर रहा। उनकी यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि परीक्षा की तैयारी के साथ उन्हें रोज अपनी जिम्मेदारियां भी निभानी थीं।

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AFMC पुणे से किया MBBS

डॉ. पल्लाक्षी प्रसाद ने मेडिकल की पढ़ाई आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे से पूरी की है। AFMC को देश के प्रमुख मेडिकल संस्थानों में गिना जाता है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय वायु सेना में मेडिकल ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कीं। NEET PG 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (AFMS) में भी उनकी उपलब्धि की चर्चा हुई। DGAFMS एयर मार्शल संदीप थरेजा ने डॉ. पल्लाक्षी को व्यक्तिगत रूप से बधाई दी।

ड्यूटी के बाद करती थीं पढ़ाई

डॉ. पल्लाक्षी की तैयारी का सबसे खास हिस्सा उनका रोज का रूटीन रहा। उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए अपनी नौकरी से अलग होकर पूरा समय नहीं मिला। दिन का बड़ा हिस्सा अस्पताल और एयर फोर्स स्टेशन की जिम्मेदारियां निभाने में गुजरता था।

एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद कई बार वह काफी थक जाती थीं। ऐसे समय में उनके मन में यह सवाल भी आता था कि जब दूसरे उम्मीदवार रोजाना 12 से 14 घंटे पढ़ाई कर रहे हैं, तो वह उनके साथ कैसे मुकाबला कर पाएंगी। इसके बावजूद उन्होंने तैयारी छोड़ने के बजाय अपने उपलब्ध समय का इस्तेमाल किया।

रोज थोड़ा पढ़ना बनाया तरीका

डॉ. पल्लाक्षी ने अपनी तैयारी में घंटों की संख्या से ज्यादा नियमित पढ़ाई पर ध्यान दिया। वह लगातार रिविजन करती रहीं और मेडिकल विषयों से जुड़े सवालों को हल करती थीं। इसके साथ ही उन्होंने मॉक टेस्ट देकर अपनी तैयारी को जांचा।

उनकी रणनीति यह रही कि व्यस्त ड्यूटी के बीच जितना समय मिल रहा है, उसमें पढ़ाई की जाए और तैयारी की कड़ी न टूटे। इसी निरंतरता ने उन्हें NEET PG जैसी कठिन परीक्षा में देशभर के लाखों उम्मीदवारों के बीच दूसरी रैंक तक पहुंचाया।

720 में से मिले 633 अंक

NEET PG 2026 में डॉ. पल्लाक्षी प्रसाद ने 633/720 अंक हासिल किए। उनकी और परीक्षा के टॉपर मोनिष के बीच सिर्फ 8 अंकों का अंतर रहा। ड्यूटी के साथ परीक्षा की तैयारी करते हुए हासिल की गई यह रैंक उनकी मेहनत और लगातार तैयारी को दिखाती है। उनकी कहानी उन मेडिकल उम्मीदवारों के लिए भी खास है जो पढ़ाई के साथ नौकरी, इंटर्नशिप या दूसरी जिम्मेदारियां संभालते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

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