पेपर लीक केस में सरकार का बड़ा एक्शन: NTA के 47 अफसर बर्खास्त, कानूनी-क्रिमिनल कार्रवाई भी होगी - Haribhoomi

Published on 24 जुल॰ 2026

NEET Paper Leak Case: सरकार का बड़ा एक्शन: NTA के 47 अफसर बर्खास्त, कानूनी-क्रिमिनल कार्रवाई भी होगी

Paper Leak Case: केंद्र सरकार ने NTA के 47 अफसरों को बर्खास्त कर दिया है। जिम्मेदार अधिकारियों पर कानूनी और क्रिमिनल कार्रवाई भी होगी। सरकार NTA के पूरे सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है।

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Paper Leak Case: केंद्र सरकार ने NTA के 47 अफसरों को बर्खास्त कर दिया है।

  • Published: 24 Jul 2026, 08:36 PM IST
  • Last Updated: 24 Jul 2026, 09:22 PM IST

नई दिल्ली। पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और क्रिमिनल कार्रवाई भी की जाएगी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब एक दिन पहले ही शिक्षा सचिव को पद से हटाया गया था। सरकार अब NTA के पूरे सिस्टम में बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव की तैयारी कर रही है।

NTA के 47 अफसर बर्खास्त
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, NTA में बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है। इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। जांच में गंभीर गड़बड़ी सामने आने पर कानूनी और क्रिमिनल एक्शन भी लिया जाएगा।

सरकार का मकसद सिर्फ अधिकारियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि NTA के पूरे सिस्टम में जवाबदेही तय करना है। इसके लिए एजेंसी के ऑर्गनाइजेशनल स्ट्रक्चर से लेकर परीक्षा संचालन की प्रक्रिया तक में बदलाव किए जाएंगे।

एक दिन पहले शिक्षा सचिव को हटाया गया
NTA में यह बड़ा एक्शन ऐसे समय में हुआ है, जब एक दिन पहले ही शिक्षा सचिव को पद से हटाया गया था। इसके बाद NTA के 47 अधिकारियों की बर्खास्तगी को पेपर लीक मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से संकेत मिल रहे हैं कि सरकार परीक्षा व्यवस्था में सामने आई खामियों को लेकर बड़े स्तर पर जवाबदेही तय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

NTA के पूरे ढांचे में होगा बदलाव
सरकार NTA में बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित सुधार केवल स्टाफ में बदलाव तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि परीक्षा कराने की पूरी प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा।

NTA देश में करीब 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का आयोजन करता है। इनमें NEET-UG, JEE Main और CUET जैसी बड़ी परीक्षाएं शामिल हैं। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इन परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

परीक्षा की आउटसोर्सिंग का मॉडल बदलेगा
NTA परीक्षा से जुड़े कई काम बाहरी एजेंसियों के जरिए कराता है। अब इस आउटसोर्सिंग मॉडल में भी बड़े बदलाव की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार परीक्षा से जुड़े काम को सोर्स और आउटसोर्स करने के मौजूदा तरीके की समीक्षा कर रही है।

नई व्यवस्था में निगरानी बढ़ाने, जिम्मेदारी तय करने और परीक्षा प्रक्रिया में मौजूद कमजोरियों को खत्म करने पर जोर रहेगा। आउटसोर्स एजेंसियों की जवाबदेही भी पहले के मुकाबले ज्यादा सख्त की जा सकती है, ताकि किसी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी होने पर जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय की जा सके।

'लीक-प्रूफ' परीक्षा सिस्टम बनाने की तैयारी
सरकार का फोकस देश में 'लीक-प्रूफ' परीक्षा इकोसिस्टम तैयार करने पर है। इसके लिए प्रशासनिक बदलावों के साथ टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जाएगा। ये सुधार देश की परीक्षा प्रणाली में बदलाव के लिए गठित एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों के आधार पर किए जाने की तैयारी है। सरकार NTA में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ पेपर लीक की आशंका को न्यूनतम करने के लिए स्ट्रक्चरल और टेक्नोलॉजिकल दोनों स्तरों पर बदलाव करेगी।

NEET-UG पेपर लीक के बाद बढ़ा था विवाद
NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद NTA लगातार सवालों के घेरे में रहा है। मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की मांग उठी। इसके बाद NTA के कामकाज और परीक्षा कराने के पूरे सिस्टम की समीक्षा शुरू हुई। सरकार ने भी परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़े बदलाव के संकेत दिए थे।

NTA बनने के बाद सबसे बड़ा बदलाव
अगर योजना के मुताबिक सभी प्रस्तावित सुधार लागू होते हैं, तो यह NTA की स्थापना के बाद से एजेंसी का सबसे बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग होगा। इसमें NTA के प्रशासनिक ढांचे, परीक्षा संचालन, आउटसोर्सिंग, निगरानी और टेक्नोलॉजी से जुड़े सिस्टम में बदलाव किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य NEET-UG, JEE Main और CUET जैसी हाई-स्टेक परीक्षाओं की विश्वसनीयता और सुरक्षा को मजबूत करना है।