'अब और नहीं चलेगा यह खेल', NEET Paper Leak पर सुप्रीम कोर्ट का मोदी सरकार को आखरी चेतावनी, क्या-क्या हुआ?

Published on 24 जुल॰ 2026

Time Published: Friday, July 24, 2026, 14:47 [IST]

नीट-यूजी परीक्षा में लगातार हो रही गड़बड़ियों और पेपर लीक के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने सुनवाई के दौरान 24 जुलाई को साफ शब्दों में कहा, "हम इस मामले को अब ऐसे ही आगे नहीं बढ़ने दे सकते। अब और नहीं चलेगा यह खेल। ये लापरवाही बंद कीजिए।"

अदालत ने केंद्र सरकार को परीक्षा में बार-बार होने वाली गलतियों की सिलसिलेवार श्रृंखला पर लगाम लगाने का सख्त निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि वे इस पूरे मामले की निगरानी खुद बहुत गहराई से करेंगे और इसकी नियमित आधार पर ट्रैकिंग की जाएगी। अब इस पूरे विवाद की अगली बड़ी सुनवाई 3 अगस्त को तय की गई है।

Supreme Court

क्या ऑनलाइन होगी NEET परीक्षा? डेटा सुरक्षा पर पूछे तीखे सवाल

अदालत ने सरकार से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT Mode) पर शिफ्ट होने की उसकी ठोस योजनाओं की पूरी जानकारी मांगी है।

जजों ने सरकार से सवाल किया,

"हमें बताइए कि पूरी तरह से ऑनलाइन सिस्टम पर जाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? जब हम कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट की तरफ बढ़ेंगे, तो परीक्षा के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए क्या इंतजाम होंगे? हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हर प्रक्रिया को संस्थागत रूप दिया जाए।"

इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दिया कि सरकार बच्चों के भविष्य के लिए 10 कदम आगे बढ़कर काम कर रही है। उन्होंने इस विषय पर अदालत के सामने एक संपूर्ण दृष्टिकोण पेश करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय की मांग की।

उन्होंने कहा,

"सरकार बच्चों के हित में हर जरूरी कदम उठा रही है और पूरे मामले की समग्र तस्वीर अदालत के सामने रखेगी।"

दिल्ली में CJP का प्रदर्शन क्यों चर्चा में है? (CJP Protest)

इस बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। हाल ही में 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग का आरोप लगाया, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर थे। खराब होती तबीयत के बाद उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल और फिर दिल्ली हाई कोर्ट की अनुमति से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया। वहीं सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन 23 जुलाई की रात खत्म कर दिया है।

पेपर लीक पर कानून होगा और सख्त: फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्लान

केंद्र सरकार भी एंटी-पेपर लीक कानून को और ज्यादा असरदार बनाने की तैयारी कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में नए और कड़े संशोधन किए जाने की योजना है, जिस पर कैबिनेट की मुहर लग सकती है।

इस नए मसौदे के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी। गुनहगारों के लिए जेल की अवधि को और अधिक सख्त और लंबा किया जाएगा। धांधली में शामिल लोगों और गिरोहों पर लगने वाले आर्थिक जुर्माने की राशि को भी कई गुना बढ़ाया जाएगा।