Published: Wednesday, October 21, 2026, 11:31 [IST]
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा की पूजा के साथ कलश स्थापना की जाती है और उसके पास जौ बोए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में जौ बोना अत्यंत ही शुभ माना जाता है। नौ दिनों तक इनकी देखभाल और पूजा की जाती है। मान्यता है कि जौ कितने अच्छे से उगे हैं, इससे आने वाले समय के बारे में संकेत मिलते हैं। हरे-भरे और लंबे जौ को सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है, जबकि पीले, काले या छोटे जौ को शुभ नहीं माना जाता। लेकिन नवरात्रि पूरी होने के बाद कई लोग इस असमंजस में रहते हैं कि इन जौ का क्या करें। ऐसे में, आइए जानते हैं कि पूजा के बाद जौ का क्या करना चाहिए -
पूजा के बाद जौ का विसर्जन करें
नवरात्रि की पूजा पूरी होने पर मां दुर्गा को प्रणाम करें और नौ दिनों के दौरान हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा मांगें। इसके बाद कलश के पास रखे जौ को आदर के साथ उठाएं। धार्मिक परंपरा के अनुसार, इन्हें किसी पवित्र नदी या स्वच्छ जल में विसर्जित किया जा सकता है।
पेड़ या गमले की मिट्टी में डालें
अगर आपके लिए नदी या तालाब तक जाना संभव नहीं है, तो जौ को घर के पास किसी पेड़ की जड़ों के आसपास मिट्टी में दबा सकते हैं। इसके लिए पीपल या बरगद का पेड़ चुन सकते हैं। चाहें तो जौ को घर के गमले या बगीचे की मिट्टी में भी मिला दें। इससे वे धीरे-धीरे मिट्टी में मिल जाएंगे और जैविक खाद बनने में मदद कर सकते हैं।
कुछ जौ तिजोरी में रखें
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जौ की कुछ हरी पत्तियों को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या पैसे रखने की जगह पर रखा जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और धन-धान्य में बरकत होती है।
घर के मुख्य दरवाजे पर टांगें
कुछ लोग जौ के तिनकों को मौली या कलावे से बांधकर घर के मुख्य दरवाजे पर टांगते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं।
कान के पीछे जौ रखने की परंपरा
कुछ जगहों पर दशहरे के दिन घर के पुरुष और बच्चे जौ के कुछ तिनके कान के पीछे रखते हैं। मान्यता है कि इस परंपरा को निभाने से अच्छा स्वास्थ्य और सौभाग्य मिलता है। इसे घर में सुख-समृद्धि और धन के आगमन से भी जोड़कर देखा जाता है।
Story first published: Wednesday, October 21, 2026, 11:31 [IST]