Nagpur Police: नागपुर पुलिस आयुक्तालय पहुंचीं अपर मुख्य सचिव मनीषा पाटणकर, स्मार्ट पुलिसिंग पर दिया जोर| Navbharat Live

Published on 16 जुल॰ 2026

Updated On: Jul 16, 2026 | 06:01 PM IST

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सार

Nagpur Police News: अपर मुख्य सचिव मनीषा पाटणकर-म्हैसकर ने नागपुर पुलिस आयुक्तालय का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था को परखा। विश्वास नांगरे पाटिल की मौजूदगी में उत्कृष्ट अधिकारियों को सम्मानित किया गया।

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विश्वास नांगरे पाटिल और मनीषा पाटणकर म्हैसकर (सोर्स: सोशल मीडिया)

विस्तार

Manisha Patankar Mhaisekar Smart Policing Review: महाराष्ट्र की उप-राजधानी नागपुर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हाल ही में, राज्य की अपर मुख्य सचिव मनीषा पाटणकर-म्हैसकर ने नागपुर शहर पुलिस आयुक्तालय का दौरा किया और वहां के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। इस उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान राज्य के दिग्गज पुलिस अधिकारी और वर्तमान में एसीबी के अपर महानिदेशक विश्वास नांगरे पाटिल सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे।

बैठक के दौरान श्रीमती पाटणकर-म्हैसकर ने केवल सुरक्षा व्यवस्था का ही जायजा नहीं लिया, बल्कि पुलिस विभाग के उन प्रशासनिक मुद्दों पर भी गौर किया जो शासन स्तर पर लंबित हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस विभाग के जो भी प्रस्ताव सरकार के पास लंबित हैं, उनका प्रभावी तरीके से और निर्धारित समय सीमा के भीतर  किया जाए, ताकि पुलिसिंग के काम में कोई बाधा न आए।

प्रधानमंत्री का स्मार्ट पुलिसिंग विजन

बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्मार्ट पुलिसिंग का सपना रहा। श्रीमती पाटणकर ने अधिकारियों से आह्वान किया कि नागपुर जैसे बड़े और संवेदनशील शहर में स्मार्ट पुलिसिंग को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं। नागपुर के पुलिस आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस दौरान एक विशेष प्रस्तुति भी दी, जिसमें उन्होंने बताया कि शहर में अपराध नियंत्रण के लिए कौन से नए प्रयोग किए जा रहे हैं और आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर अपराधियों पर कैसे नकेल कसी जा रही है।

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महिला, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिस की कार्यप्रणाली में महिला, बच्चे और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि समाज के इन वर्गों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास और अपराधियों के मन में खौफ होना जरूरी है। सूत्रों के अनुसार, नागपुर जैसे शहर में बढ़ते साइबर अपराध और नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस की विशेष मुहिम की भी इस दौरान चर्चा हुई।

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वीर जवानों और कुशल जांच अधिकारियों का सम्मान

इस समीक्षा बैठक का एक सबसे प्रेरक पहलू वह रहा जब बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। अपर मुख्य सचिव मनीषा पाटणकर-म्हैसकर के हाथों उन अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर गौरवान्वित किया गया, जिन्होंने न केवल जटिल मामलों की जांच की, बल्कि उन्हें अंजाम तक पहुंचाकर आरोपियों को सजा दिलाने में सफलता हासिल की। इसके साथ ही स्पेशल ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट साहस दिखाने वाले पुलिस अधिकारियों का भी सम्मान किया गया।

अपर मुख्य सचिव का यह दौरा नागपुर पुलिस के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित हुआ है। प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के आश्वासन और फील्ड पर तैनात अधिकारियों के सम्मान से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में नागपुर की सड़कों पर ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ का नया रूप देखने को मिलेगा। विश्वास नांगरे पाटिल जैसे अनुभवी अधिकारियों की उपस्थिति ने बैठक की गंभीरता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत कर दिया।

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