दुर्ग जिले की बेटी और रायपुर की बहू दीपाक्षा जैन ने Mrs India Universe Asia 2026 का खिताब जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की।
दीपाक्षा जैन के सिर सजा Mrs India Universe Asia 2026 का Crown
- Published: 12 Sep 2026, 12:58 PM IST
- Last Updated: 12 Sep 2026, 12:58 PM IST
रायपुर/दुर्ग। कहते हैं, सपने वही नहीं होते जो आंखें बंद करने पर दिखाई दें, बल्कि सपने वे होते हैं जिन्हें जिम्मेदारियों के बीच भी पूरा करने का हौसला रखा जाए। दुर्ग की बेटी और रायपुर की बहू दीपाक्षा जैन ने इसी जज्बे की मिसाल पेश की है। दो साल के नन्हे बच्चे की मां, पत्नी, शिक्षिका और उद्यमी की जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने अपने सपनों को कभी पीछे नहीं छोड़ा। अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर दीपाक्षा ने VMS Presents Miss & Mrs India Universe- Season 7 में Mrs India Universe Asia 2026 का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया।
जिम्मेदारियों के बीच सपनों को नहीं छोड़ा
दीपाक्षा की यह उपलब्धि महज एक सौंदर्य प्रतियोगिता में मिली जीत नहीं, बल्कि उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो परिवार और जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को कहीं पीछे छोड़ देती हैं। दीपाक्षा ने साबित किया कि, अगर जुनून और इच्छाशक्ति मजबूत हो तो मां, पत्नी और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ भी अपने सपनों को नई उड़ान दी जा सकती है।

तीन राउंड में दिखाया हुनर और आत्मविश्वास
VMS Season 7 के विभिन्न राउंड में दीपाक्षा ने अपने व्यक्तित्व, प्रतिभा और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया। Talent Round में उन्होंने मां, बच्चे और परिवार के खूबसूरत रिश्ते को नृत्य प्रस्तुति के जरिए बेहद भावनात्मक अंदाज में पेश किया।
मां और महिला के किरदार को बनाईं अपनी ताकत
वहीं Creativity Round में उन्होंने विशेष रूप से तैयार की गई प्रस्तुति और ड्रेस के माध्यम से एक बेटी से पत्नी, पत्नी से मां और फिर अपने सपनों के लिए संघर्ष करने वाली महिला तक के सफर को खूबसूरती से दर्शाया। इस प्रस्तुति में उनके व्यक्तिगत जीवन, परिवार, बच्चों और शिक्षा के प्रति उनके जुनून की झलक साफ नजर आई।
जैनम एकेडमी के जरिए शिक्षा और सेवा का संकल्प
Question-Answer Round में भी दीपाक्षा ने अपनी स्पष्ट सोच, आत्मविश्वास और प्रभावशाली जवाबों से निर्णायकों को प्रभावित किया। इसके अलावा उनकी graceful walk, personality, dressing sense और overall confidence ने भी उन्हें प्रतियोगिता में मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित किया। दीपाक्षा जैन जैनम एकेडमी की Founder हैं। बच्चों को शिक्षा, संस्कार और बेहतर भविष्य की दिशा देने के लिए वे लगातार काम कर रही हैं। बच्चों के बीच रहकर उन्हें पढ़ाना और उनकी प्रतिभा को निखारना उनके जीवन का अहम हिस्सा है।
जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को भी किया साकार
जैनम एकेडमी के माध्यम से दीपाक्षा 50 से अधिक जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही हैं। उनका मानना है कि किसी बच्चे की आर्थिक स्थिति या परिस्थितियां उसके सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। बच्चों को पढ़ाने, उनका भविष्य संवारने, परिवार की जिम्मेदारियां निभाने और इसके बावजूद अपने सपनों के लिए समय निकालने का उनका जुनून ही उनकी इस जीत की सबसे बड़ी कहानी है।
परिवार ने बढ़ाया हौसला
दीपाक्षा की इस सफलता के पीछे उनके पति अतुल जैन, मां माया, नन्हे बेटे और पूरे परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया और उनके सपनों को पूरा करने के लिए उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया। खिताब जीतकर घर लौटने पर दीपाक्षा का परिवार और शुभचिंतकों ने बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान नन्हे बेटे द्वारा अपनी मां का स्वागत करने का भावुक पल हर किसी के लिए खास रहा।
VMS और मेंटर्स का जताया आभार
अपनी इस उपलब्धि के लिए दीपाक्षा ने VMS, कविता मैम और जितेंद्र सर का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस मंच ने उन्हें अपनी कहानी, प्रतिभा और सपनों को दुनिया के सामने रखने का अवसर दिया। दुर्ग की बेटी, रायपुर की बहू, जैनम एकेडमी की Founder और दो साल के बच्चे की मां दीपाक्षा जैन की यह जीत सिर्फ एक Crown नहीं है। यह उस महिला के हौसले, मेहनत और आत्मविश्वास की जीत है, जिसने जिम्मेदारियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और अपने सपनों को जीने का साहस बनाए रखा।
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