मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। विदेश यात्राओं, VIP गिफ्ट, होटल मीटिंग, महंगे कार्यक्रमों और अन्य गैर-जरूरी सरकारी खर्चों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने लिया बड़ा फैसला (AI)
- Published: 17 Jul 2026, 07:22 PM IST
- Last Updated: 17 Jul 2026, 07:27 PM IST
मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने और सरकारी खर्चों में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 के बजट को ध्यान में रखते हुए फिजूलखर्ची पर सख्त रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत सरकारी खर्च पर विदेश यात्राएं, वीआईपी गिफ्ट, महंगे स्वागत समारोह, होटल में होने वाली बैठकों और कई अन्य गैर-जरूरी खर्चों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर इस कदम को कड़े वित्तीय अनुशासन और मितव्ययिता के रूप में देखा जा रहा है। यह नियम सभी सरकारी विभागों, निगमों, मंडलों, सार्वजनिक उपक्रमों और विश्वविद्यालयों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा।
VIP संस्कृति और फिजूल खर्चों पर रोक
आदेशानुसार VIP संस्कृति और फिजूलखर्ची से जुड़े कई बड़े खर्चों पर रोक लगा दी है। अब बेहद अनिवार्य मामलों को छोड़कर राज्य सरकार या उसके उपक्रमों के खर्च पर होने वाली सभी विदेश यात्राओं पर आगामी आदेश तक रोक रहेगी। साथ ही नए साल या अन्य उत्सवों पर छपने वाले महंगे सरकारी कैलेंडर, डायरी के मुद्रण और वीआईपी उपहारों व स्वागत समारोहों के खर्च को भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सरकारी कार्यों के लिए इकोनॉमी क्लास की अनुमति
अधिकारियों के हवाई सफर को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया है। इसके तहत सरकारी कार्यों के लिए इकोनॉमी क्लास के अलावा किसी भी अन्य श्रेणी में यात्रा करने पर पाबंदी लगा दी गई है।
कार्यशाला, बैठकों, प्रशिक्षण पर रोक
शासकीय बैठकों और कार्यालयों के रखरखाव में भी बड़े बदलाव किये गये हैं। अब होटलों या व्यावसायिक केंद्रों में होने वाली महंगी कार्यशालाओं, बैठकों और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स पर रोक लगा दी गई है और इनके स्थान पर शासकीय भवनों के उपयोग या वर्चुअल माध्यम व वेबिनार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कार्यालयों में होने वाले आंतरिक साज-सज्जा के गैर-जरूरी खर्चों को भी रोक दिया गया है।
व्हीकल पुलिंग नीति होगी अनिवार्य
परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकार ने 'व्हीकल पूलिंग' नीति को अनिवार्य किया है। इसके तहत यदि किसी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है, तो उस पद के वाहन को किसी अन्य पात्र अधिकारी को स्थानांतरित किया जाएगा ताकि किराए के वाहनों का खर्च कम हो सके।
परामर्श सेवाओं के अनुबंध पर रोक
विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अनुबंधित गाड़ियों की संख्या सीमित करें और दो या दो से अधिक अधिकारियों के बीच एक ही वाहन आवंटित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की नई परामर्श सेवाओं (Consultancy Services) के अनुबंध पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
मध्यप्रदेश के खजाने को मजबूत करने के लिए राज्य शासन ने एक और महत्वपूर्ण वित्तीय कदम उठाया है। इसके अंतर्गत सभी निगमों, मंडलों और सरकारी उपक्रमों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने लाभांश (Dividend) की अधिकतम संभव राशि सीधे राज्य शासन के खाते में जमा कराएं।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट 2027-28 की तैयारियों को देखते हुए सरकार का यह कदम जनता के टैक्स के पैसे को बुनियादी ढांचे व जन-कल्याणकारी योजनाओं में डाइवर्ट करने की दिशा में एक बड़ा और साहसिक प्रयास है।