टोरेंट ग्रुप 1,600 मेगावाट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल प्लांट, पंप स्टोरेज और पवन फार्म सहित कई परियोजनाओं में मध्य प्रदेश में 43,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहा है, जिसका लक्ष्य आपूर्ति बढ़ाना और हजारों नौकरियां पैदा करना है। इन पहलों में एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के साथ पीपीए और पर्यावरणीय मंजूरी के बाद चल रहे प्री-कंस्ट्रक्शन कार्य शामिल हैं।
By Oneindia Staff
Published: Wednesday, August 12, 2026, 23:31 [IST]
मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और प्रदेश की बढ़ती विद्युत जरूरतों को पूरा करने के लिए टोरेंट ग्रुप बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। समूह की प्रदेश में संचालित और विकासाधीन विभिन्न परियोजनाओं में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को गुजरात के अहमदाबाद में टोरेंट ग्रुप और टोरेंट पावर लिमिटेड के चेयरमैन समीर मेहता से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। बैठक में मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र में प्रस्तावित निवेश, बिजली उत्पादन, रोजगार सृजन और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
राज्य की दीर्घकालिक विद्युत आपूर्ति और बेसलोड क्षमता को मजबूत करने के लिए अनूपपुर जिले में टोरेंट पावर की ओर से 1,600 मेगावाट क्षमता की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना स्थापित की जा रही है।
करीब 22 हजार करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना से लगभग 7 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) के साथ 27 जनवरी 2026 को पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) भी निष्पादित हो चुका है।
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। एलएंडटी और टाटा प्रोजेक्ट्स जैसी कंपनियों को विभिन्न कार्य आवंटित किए गए हैं। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना स्थल पर प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां जारी हैं।
पंप्ड स्टोरेज और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार
हरित ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को बढ़ावा देने के लिए छिंदवाड़ा जिले में 1,500 मेगावाट क्षमता की पातालकोट पंप्ड स्टोरेज परियोजना पर काम चल रहा है। इस परियोजना में करीब 7,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इससे लगभग 4 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है।
इसके अलावा रतलाम और उज्जैन में कुल 250 मेगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा परियोजना विकासाधीन है। इसमें करीब 2 हजार करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 500 रोजगार का प्रावधान है।
मंदसौर में टोरेंट ग्रुप की 36 मेगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा इकाई पहले से संचालित है। इसके साथ ही समूह की ओर से 800 मेगावाट क्षमता की एक और अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना पर भी काम किया जा रहा है। इस परियोजना में करीब 11 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इससे लगभग 3,500 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
2,800 मेगावाट ताप विद्युत के लिए निविदा प्रक्रिया
मध्यप्रदेश की बढ़ती बिजली मांग और भविष्य में विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने वर्ष 2036-37 तक राज्य में करीब 1,900 मेगावाट अतिरिक्त ताप विद्युत क्षमता की आवश्यकता का आकलन किया है।
इसके मद्देनजर राज्य सरकार कुल 2,800 मेगावाट ताप विद्युत क्षमता की बिजली खरीद के लिए DBFOO (Design, Build, Finance, Own and Operate) मॉडल पर पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टोरेंट पावर को इस बड़ी निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।
पीथमपुर में फार्मा इकाई का संचालन
ऊर्जा क्षेत्र के अलावा टोरेंट ग्रुप धार जिले के पीथमपुर में USFDA अनुमोदित अत्याधुनिक फार्मा विनिर्माण इकाई का भी संचालन कर रहा है। करीब 300 करोड़ रुपये के निवेश से संचालित इस इकाई में 400 से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। अहमदाबाद स्थित टोरेंट ग्रुप की प्रमुख ऊर्जा कंपनी टोरेंट पावर की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता करीब 5.1 गीगावाट है। कंपनी वर्ष 2030 तक करीब 10 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
ऊर्जा, फार्मा और सिटी गैस क्षेत्र में सक्रिय है टोरेंट ग्रुप
टोरेंट ग्रुप देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों में शामिल है। समूह ऊर्जा, फार्मास्युटिकल्स और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन समेत विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय है। टोरेंट पावर विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी सौर, पवन, हाइब्रिड, बैटरी स्टोरेज और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं में निवेश कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और टोरेंट ग्रुप के बीच हुई चर्चा को मध्यप्रदेश में ऊर्जा एवं औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से प्रदेश की ऊर्जा क्षमता मजबूत होने के साथ रोजगार और औद्योगिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
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