मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की नियुक्ति के 24 घंटे बाद पहली बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, उद्योग, ऊर्जा, जल संसाधन और मुख्यमंत्री सचिवालय में भी बड़े बदलाव
MP IAS Transfer 2026
- Published: 25 Jul 2026, 08:33 AM IST
- Last Updated: 25 Jul 2026, 08:33 AM IST
मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार देर रात प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादलों के आदेश जारी किए। यह बदलाव नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की नियुक्ति के एक दिन बाद किया गया, जिसे सरकार की बड़ी प्रशासनिक सर्जरी माना जा रहा है। इस फेरबदल में छह जिलों को नए कलेक्टर मिले हैं, जबकि कई वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन जिलों में बदले गए कलेक्टर
सरकार ने निम्न जिलों में नए कलेक्टर नियुक्त किए हैं
- रतलाम: अजय कटेसरिया
- शहडोल: मिशा सिंह
- अनूपपुर: रत्नाकर झा
- खरगोन: गुरु प्रसाद
- मंदसौर: दिव्यांक सिंह
- आगर मालवा: डॉ. शेर सिंह मीना
इन वरिष्ठ अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
- एसीएस डॉ. राजेश राजौरा को प्रशासन अकादमी का महानिदेशक बनाया गया।
- डॉ. सुदाम पी. खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव नियुक्त किया गया।
- भास्कर लक्षकार इंदौर संभाग के नए आयुक्त होंगे।
- नीरज मण्डलोई को GIS-2027 की जिम्मेदारी के साथ उद्योग एवं MSME विभाग सौंपा गया।
- संदीप यादव जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव बनाए गए।
- ई. रमेश कुमार को नर्मदा घाटी विकास (NVD) का अतिरिक्त प्रभार मिला।
- मनीष सिंह को ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।
- सचिन सिन्हा को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया।
- राघवेंद्र सिंह अब वन विभाग के प्रमुख सचिव होंगे।
पहली बार कलेक्टर बने अजय कटेसरिया
रतलाम के नए कलेक्टर अजय कटेसरिया को पहली बार जिले की कमान सौंपी गई है। उन्होंने पदोन्नति नियम-2025 तैयार करने और समान नागरिक संहिता (UCC) के ड्राफ्ट पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सरकार ने उनके प्रशासनिक योगदान को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी है।
महिला कलेक्टरों की संख्या घटी
प्रदेश में पहले 17 महिला कलेक्टर कार्यरत थीं, लेकिन हालिया बदलाव के बाद यह संख्या घटकर 15 रह गई है। हालांकि मिशा सिंह को शहडोल कलेक्टर बनाए जाने से एक नए महिला कलेक्टर की नियुक्ति भी हुई है।
सरकार का फोकस प्रशासनिक मजबूती पर
राज्य सरकार का कहना है कि इन तबादलों का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना और विकास परियोजनाओं में तेजी लाना है। आने वाले समय में रिक्त पदों की पूर्ति और प्रशासनिक पुनर्गठन की प्रक्रिया भी जारी रहने की संभावना है।