मध्य प्रदेश में मूंग की 100 प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा का आंदोलन तेज हो गया है। भोपाल कूच कर रहे किसानों को औबेदुल्लागंज के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई ।
पुलिस ने बैरिकेडिंग कर किसानों का मार्च रोका
- Published: 28 Jul 2026, 03:12 PM IST
- Last Updated: 28 Jul 2026, 03:12 PM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश में मूंग की पूरी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में निकली पदयात्रा मंगलवार को भोपाल के नजदीक औबेदुल्लागंज पहुंच गई, जहां बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए। किसानों के राजधानी कूच और मुख्यमंत्री आवास के घेराव की घोषणा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
औबेदुल्लागंज टोल नाके,11 मील में बैरिकेडिंग
किसानों को भोपाल की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने औबेदुल्लागंज टोल नाके और 11 मील क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी। आगे और पीछे दोनों ओर सुरक्षा घेरा बनाकर किसानों की आवाजाही सीमित की गई। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने मूंग की शत-प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी सहित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर यह पदयात्रा शुरू की है। किसानों का कहना है कि उनकी फसल की पूरी खरीदी सुनिश्चित की जाए और लंबे समय से लंबित अन्य मांगों पर भी सरकार जल्द निर्णय ले।
मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा
किसानों के भोपाल पहुंचने की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। किलोल पार्क, स्मार्ट सिटी पार्क और पॉलिटेक्निक चौराहे सहित कई संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इन इलाकों में बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी जा रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित
आंदोलन का असर यातायात पर भी देखने को मिला। औबेदुल्लागंज से भोपाल जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई, जबकि जबलपुर की ओर आने-जाने वाले सुल्तानपुर मार्ग पर भी ट्रैफिक बाधित रहा। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर बढ़ते विरोध ने सरकार और किसानों के बीच संवाद की आवश्यकता को फिर से सामने ला दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार किसानों की मांगों पर क्या फैसला लेती है और आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है।