MP: 12 करोड़ रुपये के चावल घोटाले में 13 आरोपियों पर FIR, एवीजे एथेनॉल प्लांट के मालिक पिता-पुत्र समेत कई फरार

Published on 15 जुल॰ 2026

बालाघाट में एथेनॉल प्लांट के नाम पर सरकारी फोर्टिफाइड चावल की कथित हेराफेरी से जुड़े बहुचर्चित करोड़ों रुपए के घोटाले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों में छिंदवाड़ा के बोरगांव स्थित एवीजे एथेनॉल प्लांट के मालिक पिता-पुत्र और सिवनी के नंदगोपाल राइस मिल के संचालक सोनू जैन भी शामिल हैं। ये सभी फिलहाल फरार हैं।



मंगलवार को पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जांच में अब तक 5,429 मीट्रिक टन सरकारी चावल की हेराफेरी से जुड़े पुख्ता दस्तावेज मिले हैं। सरकारी मूल्य के आधार पर इसकी कीमत करीब 12.5 करोड़ रुपए आंकी गई है।

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6 से 8 महीने के रिकॉर्ड खंगाल रही एसआईटी


एसपी ने बताया कि विशेष जांच दल पिछले 6 से 8 महीनों के दौरान बालाघाट जिले के एफसीआई और सीडब्ल्यूसी गोदामों से एवीजे एथेनॉल प्लांट को भेजे गए चावल के पूरे रिकॉर्ड की जांच कर रही है। दस्तावेजों का मिलान परिवहन, स्टॉक और प्राप्ति रजिस्टरों से किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सरकारी चावल आखिर कहां और किस उद्देश्य से उपयोग किया गया।

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दूसरे चरण में अन्य जिलों की होगी जांच


पुलिस का कहना है कि जांच का दायरा अब और बढ़ाया जाएगा। दूसरे चरण में मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से एथेनॉल उत्पादन के नाम पर प्लांट को भेजे गए चावल की सप्लाई और उसके उपयोग की भी विस्तृत जांच की जाएगी। यदि वहां भी गड़बड़ी मिली तो मामले में नए आरोपियों के नाम जुड़ सकते हैं।



अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार


3 जून को सामने आए इस मामले में 5 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद गठित 20 से 25 सदस्यीय एसआईटी लगातार जांच कर रही है। अब तक पुलिस ने 20 ट्रकों को जब्त किया है और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में संचेती राइस मिल का ट्रक चालक दुर्गेश शेंडे, एथेनॉल प्लांट का प्रतिनिधि राहुल प्रताप, सुपरवाइजर राकेश श्रीवास्तव और सिवनी का ट्रांसपोर्टर उबेद खान शामिल हैं।



वहीं, एवीजे एथेनॉल प्लांट के मालिक पिता-पुत्र, सिवनी के नंदगोपाल राइस मिल के संचालक सोनू जैन समेत अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। एसपी आदित्य मिश्रा ने दावा किया कि सभी फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



संचेती राइस मिल से खुला था घोटाले का राज


इस हाई-प्रोफाइल घोटाले का खुलासा तीन जून को वारासिवनी थाना क्षेत्र स्थित संचेती राइस मिल से हुआ था। यहां से एवीजे एथेनॉल प्लांट के लिए भेजे जा रहे फोर्टिफाइड सरकारी चावल से लदे एक ट्रक को पकड़ा गया था। शुरुआती कार्रवाई के बाद जांच आगे बढ़ी तो ट्रकों की संख्या बढ़ती गई और सरकारी चावल की बड़े पैमाने पर कथित हेराफेरी का नेटवर्क सामने आने लगा।



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अब पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं हो सकता और इसमें कई जिलों से सरकारी चावल की आपूर्ति तथा निजी संस्थानों के बीच कथित गठजोड़ की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो एफआईआर में और धाराएं तथा नए नाम भी जोड़े जा सकते हैं।