Monsoon Session 2026: लोकसभा में पेश होगा 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक 2026', नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी देंगे जवाब - Haribhoomi

Published on 27 जुल॰ 2026

नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और देशव्यापी छात्र आंदोलन के बाद केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026' पेश करने जा रही है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अनुचित गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाना और कड़े दंड का प्रावधान करना है।

Public Examination Amendment Bill

इस ऐतिहासिक संशोधन विधेयक पर सदन में लगभग 8 से 10 घंटे की मैराथन चर्चा होने की संभावना है।

  • Published: 27 Jul 2026, 08:55 AM IST
  • Last Updated: 27 Jul 2026, 08:56 AM IST

संसद के मानसूनी सत्र के दौरान पेश होने वाले इस ऐतिहासिक संशोधन विधेयक पर सदन में लगभग 8 से 10 घंटे की मैराथन चर्चा होने की संभावना है। एनडीए (NDA) ने इस महत्वपूर्ण बहस के लिए अपने युवा और मुखर सांसदों को आगे रखने की विशेष रणनीति बनाई है।

भाजपा की ओर से बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या चर्चा का नेतृत्व करेंगे, जबकि तृणमूल कांग्रेस की सायोनी घोष, जेडीयू के लल्लन सिंह, शिवसेना के डॉ. श्रीकांत शिंदे और वाईएसआरसीपी के लावु श्री कृष्ण देवरायलु समेत कई युवा सांसद अपने विचार रखेंगे। वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नए शिक्षा मंत्री बने प्रह्लाद जोशी आज पहली बार प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा मंत्रालय से जुड़े तीखे सवालों का सामना करेंगे।

​'पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024' में संशोधन, पेपर लीक पर शिकंजा 
​यह नया विधेयक मूल रूप से वर्ष 2024 में बने 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अधिनियम' में बड़े बदलावों से संबंधित है। सरकार का मानना है कि डिजिटल युग में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और परीक्षा सिंडिकेट पर अंकुश लगाने के लिए मौजूदा कानूनी ढांचे को और अधिक सख्त बनाना आवश्यक है।

​विपक्ष का हंगामा तय, 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई पर स्थगन प्रस्ताव 
​दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने संसद में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस सांसद विजय वसंत और मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को दिल्ली में संसद मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज, शॉक बैटन और कथित तौर पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए।

इसके अलावा, डीएमके के टीआर बालू और राज्यसभा में तिरुचि शिवा ने भी नीट परीक्षा पर प्रतिबंध लगाने और पुलिसिया कार्रवाई की जांच कराने के लिए स्थगन प्रस्ताव दिया है।

​पीएम मोदी का कड़ा संदेश और परीक्षा सुधारों के लिए 'मेकर-चेकर' मॉडल 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों पर अपना कड़ा रुख दोहराते हुए कहा है कि अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले जेलों में सड़ रहे हैं और सरकार इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर नए कठोर प्रावधान ला रही है।

वहीं, परीक्षा प्रणाली को फुलप्रूफ बनाने के लिए गठित आईआईटी मद्रास के निदेशक डॉ. कामकोटी समिति ने बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों की तर्ज पर 'मेकर-चेकर' मॉडल अपनाने का सुझाव दिया है। समिति के अनुसार, किसी भी परीक्षा में 'रूट ऑफ ट्रस्ट' यानी प्रश्नपत्र तैयार करने वाले व्यक्ति की ईमानदारी और आधुनिक तकनीक का समन्वय ही पेपर लीक को स्थायी रूप से रोक सकता है।