भोपाल की लाइन लाइन बड़ा तालाब का जलस्तर फुल टैंक लेवल (FTL) तक पहुंचने के बाद तीसरे दिन सोमवार को भी तालाब क्षेत्र का विस्तृत सर्वे और ग्राउंड ट्रुथिंग जारी रही।
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चिरायु अस्पताल से लेकर कोलांस नदी तक किए गए सर्वे के दौरान टीम को तालाब के वेटलैंड और एफटीएल क्षेत्र से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
सर्वे के दौरान करीब 9 ऐसी मुनारें मौके पर मिलीं, जो पूरी तरह पानी में डूबी हुई थीं। इतना ही नहीं कई स्थानों पर मुनार से पानी की सीमा लगभग 5 से 10 फीट आगे तक पहुंची हुई पाई गई।
इससे मौके पर एफटीएल की वास्तविक सीमा, मुनारों की स्थिति और उनके सही स्थान निर्धारण को लेकर तकनीकी सत्यापन का सवाल खड़ा हो गया है।

सर्वे के दौरान इस तरह मुनारें पानी में डूबी मिलीं।
सर्वे टीम के अनुसार, केवल मुनारों को आधार मानकर तालाब की वर्तमान सीमा निर्धारित करना पर्याप्त नहीं होगा। प्रत्येक मुनारे की सटीक लोकेशन, ऊंचाई, एफटीएल स्तर और वर्तमान जलभराव की स्थिति का वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जाना जरूरी है।
ताकि तालाब की वास्तविक सीमा स्पष्ट हो सके।

इस टीम ने किया सर्वे।
सर्वे में ये मिला सर्वे टीम के अनुसार, इस दौरान सबसे प्रमुख मामला बैरसिया विधायक विष्णु खत्री के फार्म हाउस से जुड़ा सामने आया। टीम के अनुसार फार्म हाउस तक पहुंचने के लिए तालाब के वेटलैंड क्षेत्र के अंदर सड़क का निर्माण किया गया है।
यह सड़क तालाब के एफटीएल क्षेत्र में स्थित दो मुनारों के बीच से होकर फार्म हाउस तक जाती हुई पाई गई।
दूसरा प्रमुख मामला ईशा अंबानी से जुड़े परिसर का बताया गया, जहां तालाब के एफटीएल क्षेत्र के अंदर लगभग 6 फीट तक मलबा भराव किए जाने की बात सर्वे के दौरान सामने आई।
इसके अलावा राकेश शर्मा नामक व्यक्ति द्वारा तालाब क्षेत्र के अंदर मकान बनाए जाने की भी जानकारी सर्वे टीम को मिली।
इसी क्रम में सीआई ऑटोमोबाइल का यार्ड भी एफटीएल क्षेत्र से लगा हुआ पाया गया। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े एक कर्मचारी द्वारा तालाब के नजदीक कब्जा कर रेस्टोरेंट निर्माण किए जाने की भी जानकारी सर्वे के दौरान सामने आई।

पानी में डूबी मुनार।
इन स्थानों पर भी हुई ग्राउंड ट्रुथिंग
सर्वे टीम ने भौंरी, कोलूखेड़ी, खजूरी सड़क, बैरागढ़ सहित कई क्षेत्रों में मौके पर पहुंचकर ग्राउंड ट्रुथिंग की। इनमें भौरी सीपीए प्लांटेशन, भौंरी जोड़, द आर्क के सामने, वायु होटल के सामने, यश ढाबा, कोलूखेड़ी, कोलूखेड़ी फार्म हाउस, कर्व रेस्टोरेंट फिलिंग साइट, खजूरी सड़क ईंट फैक्ट्री, बहता गांव बैरागढ़, आकाश गार्डन के पीछे ग्रीन क्लासिक रिजॉर्ट और नायरा पेट्रोल पंप के पीछे सेवन ओक्स क्षेत्र शामिल रहे।
एनजीटी द्वारा नियुक्त विशेष सदस्य की मौजूदगी
ग्राउंड ट्रुथिंग के दौरान सीपीसीबी, एमपीपीसीबी के अधिकारी, पटवारी और याचिकाकर्ता राशिद नूर खान के साथ एनजीटी द्वारा नियुक्त विशेष सदस्य डॉ. सुभाष सी. पांडेय भी मौजूद रहे।
सर्वे के दौरान सामने आई 9 से अधिक पानी में डूबी मुनारों और कई स्थानों पर मुनार से 5 से 10 फीट आगे तक पहुंचे पानी की स्थिति को देखते हुए तालाब की एफटीएल सीमा का वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से पुनः सत्यापन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
साथ ही एफटीएल और वेटलैंड क्षेत्र में मिले निर्माण, सड़क, मलबा भराव और अन्य गतिविधियों का राजस्व एवं तकनीकी अभिलेखों से मिलान कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता है।