Updated On: Aug 02, 2026 | 05:21 PM IST
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सार
Maharashtra Heavy Rainfall: महाराष्ट्र में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। IMD ने पुणे, नागपुर और कोल्हापुर समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

महाराष्ट्र के मौसम की सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
विस्तार
Maharashtra Weather Rainfall Alert: महाराष्ट्र में अगले पांच दिनों तक कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मुंबई क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) ने विभिन्न जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज पुणे, सतारा और कोल्हापुर के घाट क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं नंदुरबार, नासिक घाट क्षेत्र, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, बुलढाणा, अकोला, वाशिम, अमरावती, यवतमाल, वर्धा, नागपुर, भंडारा, चंद्रपुर, गोंदिया और गढ़चिरौली जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
2 और 3 अगस्त का हाल
2 अगस्त को रायगढ़, पुणे घाट क्षेत्र, सतारा घाट क्षेत्र, रत्नागिरी, कोल्हापुर, अकोला, वाशिम, अमरावती, गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। 3 अगस्त को रत्नागिरी, सतारा घाट क्षेत्र, बुलढाणा, अकोला, अमरावती और नागपुर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी रहेगा।
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4 और 5 अगस्त का मौसम
4 अगस्त को बुलढाणा, यवतमाल, वर्धा, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। 5 अगस्त को बुलढाणा, वर्धा, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग की अपील
महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि गरज-चमक और भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें, अनावश्यक रूप से खुले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदियों, झरनों और घाट क्षेत्रों के पास जाने से बचने की सलाह दी है।
