Updated: Tuesday, September 29, 2026, 7:11 [IST]
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में वीकेंड पर जमकर बवाल हुआ। कैंपस में तोड़फोड़ हुई, गाड़ियां फूंकी गईं और हालात बेकाबू हो गए। हिंसक विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद सोमवार (28 सितंबर) को हालात कुछ शांत नजर आए, लेकिन कैंपस का माहौल अब भी तनावपूर्ण रहा। विरोध के दौरान कैंपस और उसके आसपास तोड़फोड़ हुई। कुछ गाड़ियों और दूसरी चीजों में आग लगाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने क्लासेज पर रोक लगा दी और बड़ी संख्या में छात्र अपने घर लौटने लगे।
यह पूरा विवाद एक छात्रा के साथ कथित रेप की खबर से शुरू हुआ। छात्रों ने आरोप लगाया कि घटना में कैंपस के बाहर का कोई व्यक्ति शामिल था। हालांकि यूनिवर्सिटी ने कैंपस में ऐसी घटना की खबरों को 'अफवाह' बताया है। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज होने और जांच के लिए SIT बनाए जाने की जानकारी दी है।
15 घंटे तक हाईवे जाम, फिर कैंपस में हिंसा, आखिर LPU में क्या हुआ?
यह पूरा हंगामा एक बाहरी व्यक्ति द्वारा यूनिवर्सिटी की छात्रा के कथित रेप की खबर फैलने के बाद शुरू हुआ। गुस्साए छात्रों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। 27 सितंबर की शाम को यह प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। भीड़ ने पुलिसवालों पर पथराव किया और उनकी कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। वहीं, छात्रों का दावा है कि कैंपस में तोड़फोड़ उन्होंने नहीं, बल्कि बाहरी लोगों ने की है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने NH-44 को करीब 15 घंटे तक जाम रखा। यही रास्ता जालंधर और फगवाड़ा को जोड़ता है। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस की भारी तैनाती की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके और पुलिस की गाड़ियों को भी निशाना बनाया।
इस दौरान कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई। कुछ जगह आगजनी भी हुई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, हालांकि हर वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तोड़फोड़ और हिंसा करने वालों की पहचान कर रही है।

10 दिन के लिए क्लासेज सस्पेंड, घर लौट रहे छात्र
बवाल के बाद यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने कड़ा फैसला लिया है। सोमवार से अगले 10 दिन के लिए LPU की सभी क्लासेज सस्पेंड कर दी गई हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं अनिश्चित काल के लिए टाल दी गई हैं। घबराए हुए पैरेंट्स अपने बच्चों को लेने कैंपस पहुंच रहे हैं।
मैनेजमेंट ने माता-पिता से बात करने के बाद छात्रों को घर जाने की इजाजत दे दी है। जो छात्र हॉस्टल में रुके हैं, उन्हें सख्त हिदायत है कि वे बेवजह बाहर न निकलें और किसी भी हंगामे का हिस्सा न बनें।
LPU की प्रो-चांसलर बोलीं- छात्रों ने हमसे बात क्यों नहीं की?
LPU की प्रो-चांसलर रश्मि मित्तल ने वीडियो संदेश जारी कर हिंसा को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में छात्रों की बात सुनने के लिए करीब 400 छात्र संगठन मौजूद हैं। ऐसे में छात्रों ने सीधे प्रशासन से संपर्क करने के बजाय फैल रही खबर पर भरोसा क्यों किया, यह सवाल उन्होंने उठाया।
उन्होंने कहा,
"इतने सारे माध्यम होने के बावजूद छात्र हमारे पास अपनी बात लेकर क्यों नहीं आए, यह मेरे लिए बहुत दुखद है। अफवाह फैलती गई और फिर बाहर के लोग भी इसमें शामिल हो गए। दुकानों तक में लूटपाट हुई। मुझे नहीं लगता कि हमारे बच्चे ऐसा कर सकते हैं।"

पुलिस और सरकार का एक्शन, बनी SIT
पंजाब के सीएम भगवंत मान के निर्देश पर DGP गौरव यादव ने LPU का दौरा किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि तोड़फोड़ करने वालों पर सख्त एक्शन होगा। पुलिस का कहना है कि उन्होंने काफी संयम से काम लिया और मामले को सुलझाने के लिए छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत कराई।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर LPU पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान संयम बरता और छात्रों तथा यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच बातचीत कराने की कोशिश की। डीजीपी के मुताबिक, छात्रा से कथित रेप के दावे को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है और जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT बनाई गई है।
साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि कैंपस में तोड़फोड़ या हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सीसीटीवी और दूसरे सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है।
- कथित रेप के दावे पर FIR दर्ज कर ली गई है और जांच के लिए पंजाब सरकार ने एक SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) बना दी है।
- यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रेप की इन खबरों को सिर्फ 'अफवाह' बताया है।
- विरोध कर रहे छात्रों ने लगातार 15 घंटे तक नेशनल हाईवे-44 (NH-44) जाम रखा था, जिसे पुलिस ने अब खुलवा दिया है।
AAP सरकार पर विपक्ष के गंभीर आरोप
LPU हिंसा के बाद मामला राजनीतिक भी हो गया है। बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया कि पंजाब की AAP सरकार का इस पूरे घटनाक्रम में हाथ है। उन्होंने यह दावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 30 सितंबर को जालंधर में होने वाली रैली के संदर्भ में किया।
वहीं शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी AAP पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार की कथित साजिश की वजह से आगजनी और हिंसा की स्थिति बनी। AAP पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज सिंह पन्नू ने कहा कि LPU का मामला बेहद संवेदनशील है। उनके मुताबिक, पुलिस ने हालात को संभालते हुए संयम और पेशेवर तरीके से काम किया।
अब एसआईटी इस पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। इसमें कथित अपराध से जुड़े आरोपों के साथ-साथ हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी के मामलों की तस्वीर भी साफ होने की उम्मीद है।
महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान, Chitkara University केस से जुड़ा कनेक्शन
पंजाब राज्य महिला आयोग ने LPU मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने पटियाला की Chitkara University से जुड़े एक अलग मामले पर भी संज्ञान लिया है। वहां दो छात्राओं की कथित आत्महत्या से जुड़ा अपुष्ट दावा सामने आया था। आयोग ने दोनों मामलों में विस्तृत रिपोर्ट, एफआईआर और छात्रों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है।
LPU में हिंसा से एक दिन पहले Chitkara University में भी विरोध प्रदर्शन हुआ था। वहां छात्रों पर पुलिस वाहन में आग लगाने का आरोप लगा था। दोनों घटनाओं के बीच फिलहाल कोई सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है। फिलहाल LPU में सड़क यातायात बहाल हो चुका है और सुरक्षा बल तैनात हैं। लेकिन कैंपस में पढ़ाई रुकने, छात्रों के घर लौटने और हिंसा की जांच के बीच यूनिवर्सिटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब सुरक्षा के साथ सामान्य माहौल वापस लाना है।