Less Sleep Effects: नींद की कमी दिमाग पर डाल सकती है असर? बढ़ सकता है इन 5 गंभीर समस्याओं का खतरा
Less Sleep Effects: लगातार कम सोने की आदत शरीर पर कई बुरे असर डाल सकती है। जानते हैं कम सोने के साइड इफेक्ट्स के बारे में।
लगातार कम सोने से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं।
- Published: 24 Jul 2026, 02:52 PM IST
- Last Updated: 24 Jul 2026, 02:52 PM IST
Less Sleep Effects: भागदौड़ भरी जिंदगी, देर रात तक मोबाइल चलाने की आदत और बढ़ता काम का दबाव लोगों की नींद छीन रहा है। कई लोग रोजाना 5-6 घंटे की नींद लेकर अपने दिन की शुरुआत कर देते हैं, लेकिन यह आदत धीरे-धीरे दिमाग की कार्यक्षमता पर नकारात्मक असर डाल सकती है। पर्याप्त नींद न मिलने पर शरीर ही नहीं, बल्कि ब्रेन भी खुद को ठीक तरह से रिपेयर नहीं कर पाता, जिससे कई मानसिक और शारीरिक समस्याएं जन्म ले सकती हैं।
वयस्कों को रोजाना लगभग 7 से 9 घंटे की अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेना जरूरी माना जाता है। लगातार कम नींद लेने से याददाश्त, एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इतना ही नहीं, लंबे समय तक नींद की कमी रहने पर कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है।
याददाश्त कमजोर हो सकती है
नींद के दौरान दिमाग दिनभर की जानकारियों को व्यवस्थित करता है और नई यादों को मजबूत बनाता है। जब पर्याप्त नींद नहीं मिलती, तो यह प्रक्रिया प्रभावित होने लगती है। इसका असर याददाश्त, नई चीजें सीखने की क्षमता और जानकारी को लंबे समय तक याद रखने पर पड़ सकता है। छात्रों और मानसिक रूप से अधिक काम करने वाले लोगों के लिए पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है।
ध्यान और एकाग्रता में कमी
लगातार कम नींद लेने से दिमाग की सतर्कता घटने लगती है। व्यक्ति का ध्यान जल्दी भटक सकता है और किसी काम पर लंबे समय तक फोकस बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। इससे कामकाज, पढ़ाई और वाहन चलाने जैसी गतिविधियों में गलती होने का खतरा बढ़ जाता है।
तनाव और मूड से जुड़ी समस्याएं
नींद की कमी का सीधा असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। पर्याप्त आराम न मिलने से चिड़चिड़ापन, तनाव, बेचैनी और मूड स्विंग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लंबे समय तक खराब नींद मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियों के जोखिम को भी बढ़ा सकती है।
निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होना
दिमाग का फ्रंटल लोब सही फैसले लेने, समस्या सुलझाने और भावनाओं को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लगातार कम नींद लेने पर इस हिस्से की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे व्यक्ति जल्दबाजी में निर्णय लेने लगता है और गलतियों की संभावना बढ़ जाती है।
न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है
कुछ शोध बताते हैं कि लंबे समय तक लगातार खराब या कम नींद रहने से उम्र बढ़ने के साथ न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। पर्याप्त नींद दिमाग से अपशिष्ट पदार्थों को साफ करने और उसकी सामान्य कार्यप्रणाली बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए अच्छी नींद को स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा माना जाता है।
ब्रेन हेल्थ के लिए अच्छी नींद कैसे लें?
- रोजाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत बनाएं।
- सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें।
- शाम के समय ज्यादा कैफीन और एनर्जी ड्रिंक लेने से बचें।
- बेडरूम का वातावरण शांत और आरामदायक रखें।
- नियमित व्यायाम करें, लेकिन सोने से ठीक पहले भारी एक्सरसाइज न करें।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)