रोहित शेट्टी जब एक्शन का वादा करते हैं, तब उसमें कोई मिलावट नहीं होती! कलर्स टीवी के सबसे लोकप्रिय और रोंगटे खड़े कर देने वाले एडवेंचर रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ ने ‘डर का नया दौर’ थीम के साथ कलर्स टीवी पर अपनी धमाकेदार वापसी कर ली है. साउथ अफ्रीका के केपटाउन से शुरू हुआ ये सीजन इस बार दर्शकों के लिए बिना किसी फालतू ड्रामे के सीधे ‘हार्डकोर एक्शन’ लेकर आया है. हेलिकॉप्टर से पानी में छलांग लगाने से लेकर वैक्यूम-सीलबंद ऑक्सीजन चैलेंज और खूंखार लकड़बग्घों व चीतों के बीच खतरनाक स्टंट्स ने पहले ही हफ्ते में टीवी स्क्रीन पर आग लगा दी है. लेकिन क्या ये प्रीमियर हकीकत में 10/10 रहा? आइए, डिकोड करते हैं इसकी 5 सबसे बड़ी खूबियां और कमजोरियां.
शो की 5 सबसे बड़ी ताकत
1. ‘ओल्ड वर्सेस न्यू’ का मास्टरस्ट्रोक
मेकर्स ने इस बार पुराने धुरंधरों (रुबीना दिलैक, करण वाही, ऋत्विक धनजानी, अविका गौर, जैस्मीन भसीन, विशाल आदित्य सिंह) को नए चैलेंजर्स (गौरव खन्ना, अविनाश मिश्रा, ऑरी, रुहानिका धवन, फराहना भट्ट, शगुन शर्मा, हर्ष गुजराल) से भिड़ाकर बिल्कुल सही नस पकड़ी है. पुराने खिलाड़ियों का अनुभव और नए चेहरों का बेपरवाह जोश शो को एक फ्रेश वाइब दे रहा है.
2. ऑरी और रुहानिका धवन का ‘सरप्राइज एलिमेंट’
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ऑरी (ओरहान अवात्रामणि) को देखकर लोग सोच रहे थे कि वो सिर्फ हंसी-मजाक के लिए आए हैं, लेकिन चूहों और बिजली के झटकों वाले टास्क में उन्होंने जिस तरह अपना कमाल दिखाया, उसने सबकी बोलती बंद कर दी. वहीं ‘ये है मोहब्बतें’ की नन्ही रुहानिका अब बड़ी हो चुकी हैं और बिना किसी नखरे के लोहे जैसे हिम्मत के साथ स्टंट्स फतेह कर रही हैं, वो देखने में मजा आता है.
3. रोहित शेट्टी की मेंटरशिप और असली एक्शन
रोहित शेट्टी सिर्फ होस्ट नहीं हैं, बल्कि वो सेट पर एक कड़क उस्ताद की तरह हर स्टंट का जायजा लेते हैं. स्टंट के दौरान लिए जाने वाले सेफ्टी मेजर्स को जिस तरह ऑन-कैमरा दिखाया गया, उसने शो को एक रियल और सिनेमाई टच दिया है. रोहित शेट्टी का हमेशा की तरह प्रेशर में भी कंटेस्टेंट्स को गाइड करना शो को ऊंचाई पर ले जाता है.
4. शुरुआत से ही बिना किसी ढोंग के स्टंट्स पर फोकस
पहले ही एपिसोड में रूबीना दिलैक को स्टंट के बाद आई मेडिकल इमरजेंसी और करण वाही का पेलेट गन टास्क में दर्द से चिल्लाना ये साबित करता है कि मेकर्स ने इस बार बेवजह की लंबी एंट्री और घिसे-पिटे ड्रामा को काट कर सीधे काम की बात पर ध्यान दिया है.
5. हाई-टेक सुरक्षा का स्तर
चाहे 140-150 किमी/घंटा की रफ्तार से आ रही मोर्ने मोर्केल की गेंदें हों या वैक्यूम बैग में घुटती सांसें, इस बार फियर फैक्टर्स का लेवल बहुत अलग और साइंटिफिक तरीके से डिजाइन किया गया है, जो दर्शकों को कुर्सी से बांधकर रखता है.
शो की 5 बड़ी खामियां
1. जबरदस्ती का कॉमेडी एंगल (हर्ष गुजराल का ओवर-डोज)
गंभीर स्टंट्स के बीच कॉमेडियन हर्ष गुजराल के वन-लाइनर्स और पंच कई मौकों पर बेवजह और खींचे हुए लगते हैं. गंभीर माहौल में बार-बार जबरन हंसी ठूंसने का प्रयास शो की रफ्तार को धीमा कर देता है.
2. नए खिलाड़ियों पर पुराने धुरंधरों का दबाव
हालांकि फॉर्मूला नया है, लेकिन करण वाही और ऋत्विक जैसे अनुभवी लोग हर टास्क की पेचीदगियों को पहले से जानते हैं. इससे नए नवेले कंटेस्टेंट्स जैसे शगुन शर्मा और फरहाना भट्ट शुरुआत में ही सहमी हुईं और नर्वस दिख रहे हैं, जिससे मुकाबला थोड़ा एकतरफा लगता है.
3. एडिट टेबल पर काटा गया कुछ कंटेस्टेंट्स का स्क्रीन-टाइम
प्रीमियर में जहां पूरा फोकस ऑरी, गौरव खन्ना और रुबीना पर रहा, वहीं अविनाश मिश्रा और विशाल आदित्य सिंह जैसे मजबूत कंटेस्टेंट्स बैकग्राउंड में दबे नजर आए. इतने बड़े सितारों के साथ स्क्रीन-टाइम का संतुलन बिठाना मेकर्स के लिए बड़ी चुनौती होगी.
4. ओवर-द-टॉप फियर पनिशमेंट्स और इमोशनल ब्रेकडाउन
पहले ही हफ्ते में शगुन शर्मा का लगातार गिरता मोराल और घबराहट ये इशारा करती है कि मेंटल हेल्थ के लिहाज से टास्क थोड़े ज्यादा ही कठिन हैं. जब कोई खिलाड़ी पूरी तरह टूट जाता है, तो उसे बार-बार उसी स्थिति में घसीटना कभी-कभी देखने में असहज लगता है.
5. घिसे-पिटे बैक-स्टोरी और पर्सनल लाइफ के एंगल
हालांकि स्क्रिप्टेड ड्रामे को कम किया गया है, लेकिन बीच-बीच में कंटेस्टेंट्स के पुराने शोज और निजी जिंदगी के पुराने रिकॉर्ड्स को खंगालना अब उबाऊ लगने लगा है. दर्शक अब सिर्फ और सिर्फ प्योर स्टंट्स देखना चाहते हैं.
कुल मिलाकर, ‘खतरों के खिलाड़ी 15‘ ने अपने पहले हफ्ते में ही ये साफ कर दिया है कि यह सीजन पिछले कुछ सालों की तुलना में सबसे ज्यादा थ्रिलिंग और मसालेदार होने वाला है. अगर मेकर्स जबरदस्ती की कॉमेडी और स्क्रीन-टाइम के अंतर को थोड़ा सुधार लें, तो रोहित शेट्टी का यह शो इस साल का सबसे बड़ा टीआरपी ब्लॉकबस्टर बनने का पूरा माद्दा रखता है!

सोनाली नाईक
सोनाली करीब 15 सालों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रहार न्यूज पेपर से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. इस न्यूज पेपर में बतौर रिपोर्टर काम करते हुए सोनाली ने एंटरटेनमेंट बीट के साथ-साथ सीसीडी (कॉलेज कैंपस और ड्रीम्स) जैसे नए पेज पर काम किया. उन्होंने वहां 'फैशनेरिया' नाम का कॉलम भी लिखा. इस दौरान एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की, लेकिन पत्रकारिता के जुनून की वजह से इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के इरादे से 2017 में टीवी9 से सीनियर कोरेस्पोंडेंट के तौर पर अपनी नई पारी शुरू की. टीवी9 गुजराती चैनल में 3 साल तक एंटरटेनमेंट शो की जिम्मेदारी संभालने के बाद सोनाली 2020 में टीवी9 हिंदी डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम में शामिल हुईं. सोनाली ने टीवी9 के इस सफर में कई ब्रेकिंग, एक्सक्लूसिव न्यूज और ऑन ग्राउंड कवरेज पर काम किया है. हिंदी के साथ-साथ गुजराती, मराठी, इंग्लिश भाषा की जानकारी होने के कारण डिजिटल के साथ-साथ तीनों चैनल के लिए भी उनका योगदान रहा है. रियलिटी शोज और ग्लोबल कंटेंट देखना सोनाली को पसंद है. नई भाषाएं सीखना पसंद है. संस्कृत भाषा के प्रति खास प्यार है. नुक्कड़ नाटक के लिए स्क्रिप्ट लिखना पसंद है. सोनाली के लिखे हुए स्ट्रीट प्लेज 'पानी', 'मेड इन चाइना' की रीडिंग 'आल इंडिया रेडियो' पर सोशल अवेयरनेस के तौर पर की जा चुकी है.
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