Published: Tuesday, July 28, 2026, 9:21 [IST]
Kanwar Yatra 2026 Delhi: श्रावण शुरू होते ही दिल्ली एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगने की तैयारी कर रही है। इस बार दिल्ली सरकार कांवड़ यात्रा को पहले से ज्यादा व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांवड़ समितियों के लिए आर्थिक मदद बढ़ाने का फैसला किया है।
सबसे बड़े कांवड़ शिविरों को अब ₹15 लाख तक की सहायता मिल सकेगी। इसके साथ ही मुफ्त बिजली, साफ-सफाई, पीने का पानी, मेडिकल सुविधा और सुरक्षा का पूरा इंतजाम भी किया जाएगा। मंगलवार को इस प्रस्ताव को दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
कितनी बढ़ेगी आर्थिक मदद?
दिल्ली सरकार ने सबसे बड़ा बदलाव बड़े कांवड़ शिविरों के लिए किया है। जो शिविर 20 हजार वर्ग फुट से ज्यादा क्षेत्र में लगेंगे और 6 से 12 दिन तक चलेंगे, उन्हें अब ₹11 लाख की जगह ₹15 लाख की सहायता मिलेगी।
इसी तरह इतने ही बड़े लेकिन 3 से 5 दिन चलने वाले शिविरों की सहायता राशि ₹6 लाख से बढ़ाकर ₹9 लाख करने का प्रस्ताव है। सरकार ने साफ किया है कि दूसरी सभी श्रेणियों के शिविरों की सहायता राशि भी बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि "कांवड़ यात्रा हमारी सनातन संस्कृति, आस्था और श्रद्धा का बड़ा पर्व है। शिवभक्तों की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। इसलिए कांवड़ समितियों की सहायता राशि में बड़ा इजाफा करने का फैसला लिया गया है।"
उन्होंने कहा कि "दिल्ली भगवान शिव के भक्तों के स्वागत के लिए पूरी श्रद्धा और बेहतर व्यवस्था के साथ तैयार है। हमारा लक्ष्य सिर्फ आर्थिक मदद बढ़ाना नहीं, बल्कि यात्रा को साफ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना भी है।"
पैसे के अलावा क्या-क्या मिलेगा?
सरकार सिर्फ अनुदान बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। कांवड़ शिविरों में कई दूसरी सुविधाएं भी पहले की तरह जारी रहेंगी।
मुख्य सुविधाएं
- 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली
- सहायता राशि DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में
- रकम दो किस्तों में मिलेगी
- पहली 50 प्रतिशत राशि पहले
- बाकी 50 प्रतिशत यात्रा पूरी होने के बाद
- हर शिविर का जियो-टैग फोटो और मौके पर जांच
- जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से सीधे भुगतान
कौन-कौन विभाग संभालेंगे जिम्मेदारी?
दिल्ली सरकार ने अलग-अलग विभागों को पहले से जिम्मेदारी सौंप दी है।
- MCD सफाई, कचरा उठाने और फॉगिंग का काम करेगा।
- स्वास्थ्य विभाग और CATS डॉक्टर, एम्बुलेंस, फर्स्ट एड सेंटर और दवाइयों की व्यवस्था करेंगे।
- DUSIB मोबाइल टॉयलेट लगाएगा और उनकी नियमित सफाई कराएगा।
- दिल्ली जल बोर्ड पीने का साफ पानी और जरूरत पड़ने पर पानी के टैंकर उपलब्ध कराएगा।
- दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस सुरक्षा, ट्रैफिक डायवर्जन और संवेदनशील जगहों पर CCTV की व्यवस्था करेगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि जिला मजिस्ट्रेट, एसडीएम और तहसीलदार शिविरों का निरीक्षण करेंगे ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
2025 वाली सूची ही रहेगी लागू
सरकार ने यह भी तय किया है कि 2025 में जिन कांवड़ समितियों और शिविर स्थलों को मंजूरी मिली थी, वही सूची 2026 में भी लागू रहेगी। इस बार किसी नई समिति या नए स्थल को मंजूरी देने का प्रस्ताव नहीं है। दिल्ली में कांवड़ यात्रा का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2024 में 170 कांवड़ शिविर लगे थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 308 हो गई। इसी बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने इस बार सहायता राशि और व्यवस्थाओं दोनों में विस्तार करने का फैसला लिया है।
यात्रा के दौरान ट्रैफिक प्लान भी बदला
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा को देखते हुए 30 जुलाई से भारी वाहनों पर रोक लगनी शुरू होगी। वहीं 4 अगस्त से 12 अगस्त तक दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और गंग नहर रोड पर सभी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।
पुलिस के मुताबिक यह फैसला लाखों कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। यात्रा 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान हरिद्वार से गंगाजल लेकर श्रद्धालु अपने-अपने शहरों के शिव मंदिरों तक पहुंचेंगे।