Updated: Tue, 18 Aug 2026 05:05 PM (IST)
मीडिया के सामने अपनी बात रखते आशीष मिंज और बारिश के बीच प्रदर्शन करते जेएसएससी सीजीएल के सफल छात्र, Pic Credit- X Handle ANI
झारखंड सरकार द्वारा JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले से सैकड़ों चयनित अभ्यर्थी आक्रोशित हैं. वर्षों की मेहनत और न्यायपालिका की मंजूरी के बाद मिली नौकरी पर अचानक ग्रहण लगने से युवाओं का भविष्य अनिश्चित हो गया है. अभ्यर्थी इसे अपने रोजगार और आत्मसम्मान पर हमला बता रहे हैं.
JSSC CGL Cancelled, रांची : झारखंड में सरकार द्वारा जेएसएससी सीजीएल CGL परीक्षा रद्द करने का विरोध शुरू हो गया है. आनन फानन में लिए गए फैसले ने सैकड़ों चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता का बादल मंडराना शुरू हो गया है. रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का गुस्सा और दर्द अब दिखने लगा है. वर्षों की कठिन मेहनत और अदालत की मुहर के बाद नौकरी पाने वाले युवाओं का कहना है कि सरकार के इस एक फैसले ने उनसे उनका रोजगार और आत्मसम्मान दोनों छीन लिया है.
रातों-रात छीन ली गई मेहनत की कमाई नौकरी
खूंटी में लेबर एनफोर्समेंट ऑफिसर (LEO) के पद पर कार्यरत आशीष मिंज ने अपने करियर के संघर्ष को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 2019 से 2022 तक एलआईसी में डेवलपमेंट ऑफिसर और फिर 2026 तक भारतीय खाद्य निगम (FCI) में सेवाएं दी थीं. कठिन मेहनत के बाद उन्होंने यह पद हासिल किया था. उनका कहना है कि दूसरी नौकरियां छोड़कर यहां आने के बाद अब उनके पास वापस जाने का कोई रास्ता नहीं बचा है. बिना किसी जांच या दोष सिद्ध हुए रातों-रात सेवाएं समाप्त कर देना अभ्यर्थियों के साथ सरासर अन्याय है.
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असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर बोले- उन्हें किस बात की दी जा रही सजा
विरोध में शामिल एक अन्य अधिकारी प्रिंस प्रियदर्शी ने कहा कि वह अभी असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि जेएसएससी-सीजीएल के तहत ASO, CI, BSO, BWO, LEO, प्लानिंग असिस्टेंट और JSA जैसे सात प्रमुख पदों पर नियुक्तियां उच्च न्यायालय के 141 पन्नों के विस्तृत फैसले और सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी के बाद ही हुई थीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि नियुक्ति पत्र की शर्तों के अनुसार केवल दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान था. यदि वे निर्दोष हैं, तो उन्हें किस बात की सजा दी जा रही है? अभ्यर्थियों ने न्यायपालिका पर पूर्ण भरोसा जताते हुए न्याय की गुहार लगाई है.
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इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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