JPSC-JSSC Protest: जेपीएससी-जेएसएससी प्रकरण में शनिवार को सरकार के प्रतिनिधि के रूप में चार मंत्रियों ने आंदोलन समाप्त कराने की दिशा में स्टेट गेस्ट हाउस में दूसरे दिन पहले देवेंद्र महतो गुट से वार्ता की. इसके बाद वार्ता में एनएसयूआई, झारखंड मुक्ति मोर्चा की छात्र इकाई झारखंड छात्र मोर्चा (जेसीएम) और आदिवासी छात्र संघ की भी इंट्री हुई. सरकार के प्रतिनिधियों ने लगभग साढ़े तीन घंटे तक चारों संगठनों से अलग अलग बातचीत की. इसके बाद चारो मंत्री मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने गये. वहां लगभग साढ़े तीन घंटे की मैराथन बैठक हुई. बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा ने छात्र प्रतिनिधियों की मांगों की जानकारी सीएम को दी.
छात्र प्रतिनिधियों के साथ रविवार को एक बार फिर बातचीत
बैठक में 14वीं जेपीएससी से लेकर बैकलॉग परीक्षा तक के मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में सीएम ने कहा कि सभी छात्र प्रतिनिधियों के साथ रविवार को एक बार फिर बातचीत की जाये. मंत्री सुदिव्य कुमार और दीपिका पांडेय ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि रविवार को दोपहर 12 बजे से स्टेट गेस्ट हाउस में छात्र प्रतिनिधियों के साथ पुनः बैठक होगी. उनकी मांगों पर एक-एक कर चर्चा की जायेगी. इसी दिन सरकार की मंशा क्या है, इसकी भी जानकारी दी जायेगी. अंतिम फैसला छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद लिया जायेगा. इससे कयास लगाया जा रहा है कि रविवार को सरकार इस मामले में कोई बड़ा घोषणा कर सकती है.
वार्ता का दूसरा दिन
देवेंद्र महतो गुट ने धरना जारी रखने की घोषणा
पहली बैठक देवेंद्र महतो गुट के छात्रों के साथ हुई. ये छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे हैं और देवेंद्र महतो समेत कई लोग अनशन पर हैं. इस बैठक में भी छात्रों और सरकार के बीच सहमति नहीं बन सकी. हालांकि दोनों पक्षों ने वार्ता को सकारात्मक बताया है. छात्रों के प्रतिनिधि चंदन ने कहा कि जब तक पूरी परीक्षा रद्द करने की मांग नहीं मानी जाती, तब तक धरना जारी रहेगा. 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम भी होगा.
एनएसयूआई ने दिया 90 दिनों का अल्टीमेटम
एनएसयूआई के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा ने किया. बैठक में परीक्षा प्रणाली में सुधार, लंबित जांच और आगामी परीक्षाओं के लिए कैलेंडर जारी करने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई. कुमार राजा ने कहा कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा को तत्काल रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया में सामने आयी अनियमितताओं की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गयी है. सीआइडी जांच 90 दिनों में पूरी करने की मांग भी रखी गयी.
जेसीएम पार्टी मर्माहत, 14वीं जेपीएससी रद्द हो
झारखंड छात्र मोर्चा की बैठक के बाद मोर्चा के संयोजक तारकेश्वर महतो और अमन तिवारी ने बताया कि जेपीएससी और जेएसएससी को लेकर उनकी पार्टी झामुमो मर्माहत है. इसे देखते हुए पार्टी की सहमति से पांच सूत्री मांगें रखी गयी है. इनमें 14वीं जेपीएससी और वर्ष 2023-24 की बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने की मांग शामिल है. निष्पक्ष तरीके से परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए और सभी परीक्षाओं का संचालन हो. परिणाम प्रकाशित किए जाएं और नियुक्तिया की जायें.
एसीएस: बाहरी लोग आंदोलन कर रहे हैं
आदिवासी छात्र संघ के कार्तिक उरांव ने कहा कि जेएसएससी सीजीएल में काफी धांधली हुई है. इसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाये. जेपीएससी में जो भी गड़बड़ियां हुई है, उनकी जांच की जाये. तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में जनजातीय भाषाओं को प्राथमिकता दी जाये. आदिवासी छात्र संघ के संयोजक सुशील कुमार मिंज ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जो लोग आंदोलन कर रहे हैं, वे बाहरी और भाजपा से जुड़े छात्र हैं.
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छात्रों से आंदोलन खत्म करने की अपील
शनिवार को छात्र संगठनों के साथ बैठक के बाद मंत्रियों ने कहा कि अन्य छात्र संगठनों के साथ भी बैठक होगी और उनके सुझाव लिए जायेंगे. सरकार द्वारा एक ई-मेल आईडी [email protected] भी जारी की गयी है, जिस पर छात्र, अभिभावक और अन्य लोग फीडबैक भेज सकते हैं. इसके आधार पर सुधार नीति बनायी जायेगी, मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के साथ है. उनकी मांगों के प्रति सरकार गंभीर है. इसलिए छात्र अपना आंदोलन समाप्त करें.
शनिवार को हुई वार्ता में सभी छात्र संगठनों की मांगों में जो साझा मांग उभरकर सामने आयी है, उसमें 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा रेगुलर पीटी सहित सिविल सेवा बैकलॉग-2023, सिविल सेवा बैकलॉग-2025 की पीटी और लिखित परीक्षाएं रद्द करने बात शामिल है. सीआइडी-एसआइटी द्वारा इस मामले में की जा रही जांच 90 दिनों में पूरी कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग भी की गयी. उक्त मांगों के अलावा संगठनों ने जेपीएससी और जेएसएससी से नियमित रूप से परीक्षा कैलेंडर जारी करने तथा परीक्षा और मूल्यांकन कार्य में पारदर्शिता लाने की मांग भी रखी.
सरकार ने छात्रों की बात गंभीरता से सुनी है, होगा समाधान: दीपिका
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार ने छात्रों की बातों को गंभीरता से सुना है. विभिन्न छात्र संगठनों के साथ सकारात्मक संवाद हुआ. सभी सुझावों और चिंताओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जायेगा. छात्रों की मांगें जायज हैं और सरकार उनके समाधान के लिए गंभीरता से काम कर रही है. संवाद, जांच और सुधार के माध्यम से सरकार समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है.
हम सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं: चमरा लिंडा
आदिवासी छात्र संघ की भी बातें सुनी गयी हैं. जो भी त्रुटियां हैं, उनकी जानकारी सभी संगठनों ने दी है. बैकलॉग का मुद्दा भी उठाया गया है. छात्रों ने अपनी भाषाओं को सुरक्षित रखने की मांग भी की है. हम सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर भी कई बातें सामने आयी हैं. झारखंड के लोगों की अधिक से अधिक नियुक्तियां हों, इस दिशा में काम करने की मांग रखी गयी है.
सभी की बातें सुनी गयी हैं: संजय प्रसाद यादव
मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि सभी पक्षों की बातें सुनी गई हैं. मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी दी जायेगी. जल्द ही कोई निष्कर्ष निकलेगा.
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