
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ
Jio IPO Price Band: भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू दस्तक देने के लिए तैयार है. मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल व टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स अपना 30,188 करोड़ रुपये का प्रस्तावित आईपीओ लेकर आ रही है. बाजार में इस इश्यू के खुलने से पहले ही दुनियाभर के बड़े संस्थागत निवेशकों के बीच इसमें पैसा लगाने को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया है कि कई सॉवरेन वेल्थ फंड्स से लेकर दुनिया के दिग्गज एसेट मैनेजर्स तक इस आईपीओ की एंकर बुक में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं.
हुंडई मोटर इंडिया का टूटेगा रिकॉर्ड
जियो प्लेटफॉर्म्स का ये आईपीओ आकार के मामले में भारत के पुराने सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ देगा. अभी तक देश के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम दर्ज है. हुंडई ने साल 2024 में 27,859 करोड़ रुपये का इश्यू पेश किया था. वहीं, पिछले महीने ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई ने भी 22,562 करोड़ रुपये का आईपीओ लॉन्च किया था. अब 30,188 करोड़ रुपये के भारी-भरकम साइज के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स भारतीय बाजार का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है.
इस आईपीओ की एक बड़ी खासियत ये है कि इसमें ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस का कोई हिस्सा नहीं रखा गया है. इसका मतलब साफ है कि कंपनी के मौजूदा प्रमोटर्स या निवेशक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं. इस इश्यू के तहत कंपनी 27 करोड़ (270 मिलियन) तक नए इक्विटी शेयर जारी करेगी.
विदेशी से लेकर देसी दिग्गजों की लगी कतार
जियो प्लेटफॉर्म्स के एंकर बुक में बोली लगाने के लिए ग्लोबल स्तर के बड़े नाम सामने आए हैं. जानकारी देने वाले सूत्रों के अनुसार, आलियांज (Allianz) के अलावा ब्लैकरॉक (BlackRock) जैसे दिग्गज एसेट मैनेजर्स ने इसमें गहरी रुचि दिखाई है. इसके साथ ही गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (GIC), फिडेलिटी (Fidelity), नॉर्वे के गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल, न्यू वर्ल्ड फंड इंक के साथ स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड इंक ने भी एंकर बुक में निवेश की दिलचस्पी जताई है.
सिर्फ विदेशी ही नहीं, बल्कि भारत के बड़े घरेलू संस्थागत निवेशक भी इस मेगा आईपीओ में दांव लगाने की कतार में हैं. संभावित बोली लगाने वालों में एसबीआई म्यूचुअल फंड, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के अलावा कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड जैसे बड़े नाम शामिल हैं. हालांकि, इस संबंध में लीड बैंकर्स व कंपनी को भेजे गए ईमेल का रिपोर्ट छपने तक कोई जवाब नहीं मिला.
प्राइस बैंड के साथ जानें जरूरी तारीखें
निवेशकों के लिए कंपनी ने तारीखों से लेकर कीमत तक का पूरा खाका तय कर दिया है. एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया 19 अक्टूबर को खुलेगी. इसके बाद आम निवेशकों के सब्सक्रिप्शन के लिए ये आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा. निवेशक इसमें 23 अक्टूबर तक पैसा लगा सकेंगे.
कंपनी ने इस आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है. अगर कोई निवेशक इसमें आवेदन करना चाहता है, तो उसे कम से कम 12 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी. इससे ज्यादा शेयर खरीदने के लिए 12 के गुणक (मल्टीपल) में ही आवेदन करना होगा.
रिलायंस शेयरधारकों को अलग से फायदा
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने कर्मचारियों के साथ-साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों का भी पूरा ध्यान रखा है. इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 3,000 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे गए हैं. इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के योग्य शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित हैं. नियम के मुताबिक, जिन व्यक्तिगत निवेशकों (Individuals) या हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के पास 14 अक्टूबर तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पब्लिक शेयर हैं, वे प्रॉस्पेक्टस में दी गई शर्तों व नियमों के तहत शेयरहोल्डर कोटा में आवेदन करने के पात्र होंगे.
वहीं, जियो प्लेटफॉर्म्स के योग्य कर्मचारियों के लिए इस इश्यू में 500 करोड़ रुपये तक का हिस्सा रिजर्व रखा गया है. कर्मचारियों के लिए सबसे अच्छी खबर ये है कि कर्मचारी रिजर्वेशन कोटा के तहत आवेदन करने पर उन्हें हर शेयर पर 54 रुपये की सीधी छूट दी जाएगी.
कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगा आईपीओ का बड़ा हिस्सा
कंपनी ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि इस मेगा आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कहां किया जाएगा. जियो प्लेटफॉर्म्स इस इश्यू से जुटाई गई राशि के एक बड़े हिस्से का उपयोग अपनी ऑपरेटिंग सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में करेगी. कंपनी की योजना अपनी इस सब्सिडियरी के 27,500 करोड़ रुपये तक के कर्ज का समय से पहले भुगतान (प्रीपेमेंट) करने की है. इसके बाद जो रकम बचेगी, उसका इस्तेमाल कंपनी अपने सामान्य कॉरपोरेट कामकाज को आगे बढ़ाने के लिए करेगी.

विभव शुक्ला
विभव शुक्ला वर्तमान में TV9 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उन्हें छह वर्षों का अनुभव है. विभव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी. इसके बाद वह Inshorts और गुजरात फर्स्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं.
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