Jantar Mantar: सौरभ भारद्वाज-आतिशी को टांग ले गए, आरोप-'Gents पुलिस ने लेडीज के प्राइवेट पार्ट्स पर हाथ डाला'

Published on 2 अक्टू॰ 2026

Time Updated: Friday, October 2, 2026, 16:58 [IST]

Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार (2 अक्टूबर 2026) को जमकर हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाने पहुंचाया। इनमें दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, AAP नेता सौरभ भारद्वाज, विधायक कुलदीप कुमार, प्रवक्ता अनुराग ढांडा और कई निगम पार्षद शामिल हैं।

इस दौरान AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी की और उनके प्राइवेट पार्ट्स पर गलत तरीके से हाथ लगाया। सौरभ भारद्वाज ने पुलिस कार्रवाई के दौरान अपने हाथ पर चोट लगने का भी दावा किया। उन्होंने बस के अंदर से सोशल मीडिया पर लाइव आकर कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार गलत है और उनकी पार्टी लोकतंत्र की लड़ाई जारी रखेगी। हालांकि, महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी और चोट लगने के आरोपों पर दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

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जंतर-मंतर पर क्या हुआ?

शुक्रवार को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लोगों को वहां से हटाने की कार्रवाई की। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।

AAP नेता सौरभ भारद्वाज को पुलिसकर्मी उठाकर हवा में टांगते हुए बस में ठूंसा। इसके बाद आतिशी, विधायक कुलदीप कुमार, प्रवक्ता अनुराग ढांडा और अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। सभी को दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाने ले जाया गया।

सौरभ भारद्वाज ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर क्या आरोप लगाए?

बस में बैठाए जाने के बाद सौरभ भारद्वाज ने लाइव आकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। भारद्वाज के मुताबिक, महिला प्रदर्शनकारियों को हटाते समय पुलिसकर्मियों ने उनके संवेदनशील अंगों पर गलत तरीके से हाथ लगाया।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सौरभ ने अपने हाथ पर लगी चोट दिखाते हुए दावा किया कि भीड़ के दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी नोंचा। AAP नेता ने कहा कि यह व्यवहार गलत है और उनकी पार्टी इस कार्रवाई से डरने वाली नहीं है।

आतिशी बोलीं- वोट का अधिकार छीनने की कोशिश हो रही

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को वोट देने का अधिकार स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रयासों से मिला है। आतिशी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के जरिए लोगों के वोट देने के अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि जब ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है, तब पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही है। आतिशी ने दावा किया कि वोट चोरी के आरोपों पर कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि विरोध करने वालों को जबरन थानों में ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि AAP पुलिस कार्रवाई से डरने वाली नहीं है और लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी।

अनुराग ढांडा ने क्या कहा?

AAP प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतंत्र और नागरिकों के वोट देने के अधिकार की रक्षा की मांग कर रही है। ढांडा ने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर वोट चोरी के आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि विरोध करने वालों को थाने में बैठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी नागरिकों को है।

संसद परिसर में बापू की प्रतिमा के सामने धरने का ऐलान

जंतर-मंतर से हिरासत में लिए जाने के बाद सौरभ भारद्वाज ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठने की बात कही। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह वोट चोरी के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी और प्रधानमंत्री मोदी तथा ज्ञानेश कुमार को जाना होगा।

क्या है पूरा विवाद?

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की भूमिका है। AAP और अन्य प्रदर्शनकारी संगठनों ने SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उनकी मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए। दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद संभावित भीड़ को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।