जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक पर हमला करने की कोशिश का दावा किया गया है। वहीं लगातार अनशन के कारण उनके स्वास्थ्य को लेकर भी चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
Sonam Wangchuk Hunger Strike
- Published: 18 Jul 2026, 08:51 AM IST
- Last Updated: 18 Jul 2026, 08:51 AM IST
जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक को लेकर नया विवाद सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन स्थल पर कुछ लोगों ने सोनम वांगचुक को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, इस घटना में उन्हें कोई चोट नहीं पहुंची।
दीपके ने सोशल मीडिया पर कहा कि कुछ दिन पहले उन्हें ऐसी आशंका की जानकारी मिली थी कि प्रदर्शन को बाधित करने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
Goons tried to attack Sonam sir at Jantar Mantar. An object was thrown at him, but fortunately, he was not hurt.
A few days ago, I had warned that people would be sent to Jantar Mantar to disrupt the protest after I was informed by an insider in the police.
If anything happens…
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 17, 2026
20 दिन से जारी है भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न लेने के कारण उनके वजन में लगातार कमी दर्ज की जा रही है।
बताया गया है कि उनका वजन अब लगभग 56.55 किलोग्राम रह गया है और अब तक करीब 9 किलोग्राम वजन कम हो चुका है। चिकित्सकों के अनुसार शरीर में हल्का डिहाइड्रेशन भी देखा गया है।
डॉक्टरों ने जताई चिंता
मेडिकल टीम का कहना है कि शुरुआत में शरीर की चर्बी कम हुई, लेकिन अब मांसपेशियों पर भी असर दिखने लगा है। यदि अनशन लंबा खिंचता है तो शरीर के अन्य अंगों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसी वजह से उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विपक्षी नेताओं ने दिया समर्थन
शुक्रवार को जंतर-मंतर पहुंचे कई विपक्षी नेताओं ने आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, राजेंद्र पाल, एनसीपी (शरद पवार गुट) सांसद सुप्रिया सुले और हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला समेत कई नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन का समर्थन किया और सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
क्या बोले विपक्षी नेता?
पवन खेड़ा ने कहा कि युवाओं और छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए और लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार है। सुप्रिया सुले ने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता तथा सरकार को संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए। दुष्यंत चौटाला ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों को युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। वहीं कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की।